ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत में नहीं होगी LPG और तेल की कमी, CM एकनाथ शिंदे ने जनता को दिया बड़ा भरोसा
Eknath Shinde On Fuel Supply: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने साफ किया कि भारत में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है। केंद्र सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
- Written By: आकाश मसने
एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Eknath Shinde on LPG Shortage In India: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के हालातों ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की चिंता पैदा कर दी है। इस बीच, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। शिंदे ने स्पष्ट किया कि युद्ध के बावजूद भारत में एलपीजी या कच्चे तेल की कोई कमी नहीं होगी।
केंद्र सरकार की है पैनी नजर
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ईंधन आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रही है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) से बचें। शिंदे ने जोर देकर कहा कि भारत के पास पर्याप्त रणनीतिक भंडार मौजूद है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है।
VIDEO | Mumbai: Maharashtra Deputy Chief Minister Eknath Shinde says, “The central government and the Prime Minister Narendra Modi are closely monitoring the ongoing conflict involving Iran, Israel and the United States. He is ensuring that there is no shortage of gas or oil. The… pic.twitter.com/OjVExBzMey — Press Trust of India (@PTI_News) March 12, 2026
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क्या है भारत की तैयारी
युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग प्रभावित हुए हैं, जहां से भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। हालांकि, भारत ने अपनी रणनीति बदलते हुए अब गैर-होर्मुज क्षेत्रों से तेल और गैस का आयात बढ़ाकर 70% तक कर दिया है। सरकार ने घरेलू रिफाइनरियों को भी निर्देश दिया है कि वे खाना पकाने वाली गैस (LPG) का उत्पादन बढ़ाएं और इसे प्राथमिकता के आधार पर घरों तक पहुंचाएं।
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कीमतों और स्टॉक पर स्थिति
वर्तमान में भारत के पास लगभग 25-30 दिनों का एलपीजी स्टॉक और लगभग 25 दिनों का पेट्रोल-डीजल बैकअप मौजूद है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी भी बड़ी बढ़ोतरी की योजना नहीं है, ताकि आम आदमी पर बोझ न पड़े। औद्योगिक क्षेत्र के बजाय घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत भी कदम उठाए जा रहे हैं। अंत में, उपमुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि महाराष्ट्र सहित पूरे देश में आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो।
