AI Training के लिए शिक्षा विभाग-गूगल में समझौता, राज्य के 4 लाख से अधिक शिक्षकों को मिलेगा लाभ
Google AI Training For Teachers: महाराष्ट्र शिक्षा विभाग और गूगल के समझौते से 4 लाख से अधिक शिक्षकों को एआई प्रशिक्षण मिलेगा। इससे डिजिटल शिक्षा मजबूत होगी और छात्रों को भी लाभ होगा।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
समझौते के द्वौरान शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे (सोर्स: फाइल फोटो)
Google AI Training For Teachers In Maharashtra: महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा विभाग और गूगल फॉर एजुकेशन के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल तकनीक के प्रशिक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस पहल के तहत अगले डेढ़ वर्ष में राज्य के 4 लाख से अधिक शिक्षकों को आधुनिक एआई आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्कूलों में तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। मंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करना समय की आवश्यकता है। पहले मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो बाद में राज्यभर के अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
सरकार पर नहीं पड़ेगा आर्थिक बोझ
स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम का पूरा खर्च गूगल द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे राज्य सरकार पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और डिजिटल रूप से सक्षम बनाना है।
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भुसे ने यह भी आश्वासन दिया कि कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों की डिजिटल सुरक्षा और डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार की निगरानी और नियंत्रण में संचालित होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इससे शिक्षकों को नई तकनीकी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
छात्रों को भी होगा फायदा
राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का महत्व तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसका प्रभाव शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में और अधिक दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को एआई आधारित प्रशिक्षण दिए जाने से उनकी कार्यक्षमता और शिक्षण पद्धति में सुधार होगा।
इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को भी मिलेगा, क्योंकि वे आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षण संसाधनों से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे। भोयर ने कहा कि इस पहल से छात्रों में एआई के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, नई तकनीकों को समझने की क्षमता विकसित होगी और उन्हें भविष्य की चुनौतियों तथा रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर रूप से तैयार होने में मदद मिलेगी।
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डिजिटल शिक्षा को मिलेगी मजबूती
इस पहल के तहत मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही डिजिटल कौशल, सुरक्षित डिजिटल पहचान और आधुनिक एआई उपकरणों के शैक्षणिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है और स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल पुस्तकालयों तथा आईसीटी प्रयोगशालाओं को मजबूत बनाने में मदद करेगी।
