बॉम्बे हाई कोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
DRDO Scientist Bail Hearing Case: देश की सुरक्षा से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण सुनवाई करते हुए डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुरुलकर की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
इस मामले ने राष्ट्रीय सुरक्षा और वैज्ञानिक संस्थानों की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉ. प्रदीप कुरुलकर, जो डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) में वरिष्ठ पद पर कार्यरत थे, पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए संवेदनशील और गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की एजेंसियों तक पहुंचाई। यह आरोप देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माने जा रहे हैं।
महाराष्ट्र एटीएस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मई 2023 में कुरुलकर को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी संदिग्ध विदेशी संपर्कों के साथ बिना अनुमति बातचीत कर रहे थे। इस सूचना के आधार पर उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, लैपटॉप और डेस्कटॉप जब्त किए गए और विस्तृत जांच शुरू की गई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी साझा की, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। वहीं, बचाव पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जो जानकारी साझा की गई, वह पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध थी और इसे गोपनीय नहीं माना जा सकता।
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दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई या फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जो न केवल आरोपी के भविष्य बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में न्यायिक दृष्टिकोण को भी प्रभावित कर सकता है।