धारावी पुनर्विकास पर एनएमडीपीएल का बयान, 96% अपात्रता का दावा बताया भ्रामक
NMDPL Statement Dharavi Project Update: धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर एनएमडीपीएल ने स्पष्ट किया कि 96% निवासियों को अपात्र घोषित करने का दावा भ्रामक है।
- Written By: अपूर्वा नायक
Dharavi Redevelopment Project (फोटो क्रेडिट-X)
Dharavi Redevelopment NMDPL Eligibility Claims: मुंबई की महत्वाकांक्षी धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर फैल रही अफवाहों पर नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने स्पष्ट रुख अपनाया है।
कंपनी ने उन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है, जिनमें कहा जा रहा था कि सर्वेक्षण में 96 प्रतिशत निवासियों को अपात्र घोषित कर दिया गया है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि कुछ क्षेत्रों में पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया अभी भी जारी है और अंतिम निर्णय सरकार के नियमों तथा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार ही लिया जाएगा। कई निवासी अभी ‘अनिर्णीत’ श्रेणी में हैं, क्योंकि उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
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लोगों को गुमराह करने का आरोप
एनएमडीपीएल ने आरोप लगाया कि कुछ प्रोजेक्ट विरोधी तत्व जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर लोगों में डर का माहौल बना रहे हैं। कंपनी का कहना है कि यह परियोजना सभी धारावी वासियों के लिए है और हर पात्र व्यक्ति को इसका लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है।
77 प्रतिशत निवासी घोषित पात्र
कंपनी के अनुसार, गणेश नगर और मेघवाड़ी क्षेत्र में किए गए सर्वेक्षण के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक 77 प्रतिशत निवासियों को पात्र घोषित किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बड़ी संख्या में लोग इस परियोजना के लाभार्थी बन सकते हैं।
सभी को लाभ देने का उद्देश्य
एनएमडीपीएल ने दोहराया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य धारावी के निवासियों को बेहतर आवास और जीवन स्तर प्रदान करना है। इसके लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा रही है और सभी पात्र लोगों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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अफवाहों से बचने की अपील
कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। साथ ही, आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कर प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि उन्हें परियोजना का पूरा लाभ मिल सके।
