

Rohit Pawar Claim On MPSC Chairman Resignation: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग को लेकर पुणे में विद्यार्थियों का आंदोलन जारी है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि विवेक भीमनवार ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेज दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्तीफा भेजे जाने के बावजूद सरकार उस पर निर्णय नहीं ले रही है। अब विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा यह मामला ‘अहंकार’ का मुद्दा बन गया है।
रोहित पवार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोमवार शाम करीब साढ़े सात से 8 बजे के बीच MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजा। उन्होंने कहा कि नियमानुसार इस्तीफा राज्यपाल को सौंपा जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। रोहित ने कहा केवल मुख्यमंत्री को इस्तीफा भेजने से प्रक्रिया पूरी नहीं होती है।
शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि सरकार विद्यार्थियों के दबाव में एमपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा स्वीकार करने से बच रही है। उनका कहना है कि सरकार को आशंका है कि यदि विद्यार्थियों के आंदोलन के दबाव में अध्यक्ष का इस्तीफा स्वीकार किया गया तो भविष्य में आम लोग मंत्रियों और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी करने लगेंगे। इसी वजह से इस्तीफे पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
रोहित पवार ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा सवाल अब उनके हित का नहीं रह गया, बल्कि मुख्यमंत्री के ‘अहंकार’ का मुद्दा बन गया है। उन्होंने सरकार से इस्तीफे पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
एमपीएससी की परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विद्यार्थी आंदोलन कर रहे हैं। विद्यार्थियों की प्रमुख मांगों में आयोग के अध्यक्ष को हटाना भी शामिल है। आंदोलन के बीच सरकार की ओर से आयोग के सचिव महेंद्र हरपालकर के तबादले तथा अध्यक्ष भीमनवार के खिलाफ जांच की कार्रवाई की गई है।
इसके बावजूद अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। रोहित पवार के दावे के बाद अब सरकार और एमपीएससी की ओर से इस कथित इस्तीफे पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर विद्यार्थियों के साथ ही राजनीतिक हलकों की भी नजर है।
भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने रोहित पवार के दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि वे विद्यार्थियों को भ्रमित कर रहे हैं। बन ने कहा कि MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की केवल चर्चा कर आंदोलन को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन में विद्यार्थियों के अलावा बाहर से लाए गए कार्यकर्ता शामिल हैं।
नवनाथ बन ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ पहले ही कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। इस बयानबाजी के बाद आयोग को लेकर चल रहे आंदोलन राजनीतिक टकराव के और बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।