फडणवीस को ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ की मानद उपाधि, राहुरी कृषि विवि के दीक्षांत समारोह में 4602 छात्रों को डिग्री
Maharashtra Agriculture Technology Innovation: राहुरी स्थित महात्मा फुले कृषि विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ की मानद उपाधि दी गई।
- Written By: अपूर्वा नायक
देवेंद्र फडणवीस ऑनरेरी डॉक्टरेट अवार्ड (सौ. सोशल मीडिया )
Devendra Fadnavis Honorary Doctorate Award: महाराष्ट्र के राज्यपाल एवं महात्मा फुले कृषि विवि के कुलपति जिष्णु देव वर्मा ने कहा है कि देश की खाद्य सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सतत विकास के लिए कृषि क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि विश्व के किसी एक हिस्से में चल रहे युद्ध और संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है, इसलिए देश की कृषि व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
राहुरी स्थित महात्मा फुले कृषि विवि के भारतरत्न डॉ बाबासाहेब आंबेडकर सभागृह में आयोजित 39वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करने के दौरान राज्यपाल वर्मा ने कहा, भारतीय कृषि का भविष्य अब तकनीक पर आधारित समाधानों, स्टार्टअप्स और टिकाऊ पद्धतियों पर निर्भर है।
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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ के साथ ‘जय अनुसंधान’ के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि बदलती जलवायु और तकनीकी प्रगति के दौर में नवाचार और दूरदर्शी नेतृत्व की सबसे ज्यादा जरूरत है।
राजनीति के ‘डॉक्टर’ फडणवीस को तीसरी मानद उपाधि
इस समारोह की सबसे बड़ी खबर यह रही कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राज्यपाल के हाथों ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया गया।
यह फडणवीस की तीसरी मानद डॉक्टरेट है। इससे पहले जापान की ओसाका सिटी यूनिवर्सिटी ने 2018 में और कोयासान यूनिवर्सिटी ने 2023 में उन्हें डॉक्टरेट से नवाजा था। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने ‘ऑल इन वन’ कहते हुए उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
AI और तकनीक से बदलेगी खेती की तस्वीर
- मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के चलते कृषि क्षेत्र में तकनीक का उपयोग अनिवार्य हो गया है। ‘एग्रीस्टैक’ योजना के तहत देश में 1 करोड़ 30 लाख किसानों को डिजिटल पहचान दी गई है।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से उत्पादन लागत 25 प्रतिशत तक कम होगी और उत्पादन में 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी। ‘महाविस्तार ऐप’ के जरिए किसानों को सीधे सलाह दी जा रही है।
किसानों को मुफ्त बिजली का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस अवसर पर बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इस वर्ष के अंत तक राज्य सरकार 14,000 मेगावाट बिजली उत्पन्न करेगी जिससे किसानों को दिन में 12 घंटे मुफ्त बिजली मिलेगी। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री सौर कृषि योजना’ के तहत किसानों को पानी के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है।
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4,602 छात्रों को मिली डिग्री, 42 को स्वर्ण पदक
इस दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों कुल 4,602 स्नातकों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 4, 182 स्नातक, 346 स्नातकोत्तर और 74 पीएचडी शामिल हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 42 छात्रों को स्वर्ण पदक और नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। कुलपति डॉ। विलास खर्चे ने बताया कि पिछले 5 दशकों में विश्वविद्यालय ने डेढ़ लाख से अधिक कुशल कृषि विशेषज्ञ तैयार किए हैं, 320 उच्च उत्पादक फसल किस्में और 56 कृषि उपकरण विकसित किए हैं।
