केंद्रीय मंत्री गडकरी ने महाराष्ट्र सरकार को दिया झटका! दहिसर टोल प्लाजा हटाने से किया इनकार

Dahisar Toll Shifting News: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नीतिगत उल्लंघन का हवाला देते हुए महाराष्ट्र सरकार के दहिसर टोल प्लाजा के स्थानांतरण प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
Nitin Gadkari Rejected Pratap Sarnaik Proposal
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nitin Gadkari Rejected Pratap Sarnaik Proposal: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर दहिसर टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने नीतिगत उल्लंघनों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया है।

महायुति सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के पत्र के जवाब में गडकरी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मूल रूप से प्रस्तावित स्थानांतरण प्रस्ताव व्यवहार्य नहीं है। सरनाईक ने इस संबंध में 23 सितंबर को केंद्र सरकार को अनुरोध पत्र भेजा था।

केंद्र के मंत्रालय ने कहा है कि प्रस्तावित स्थल नगर निगम सीमा के अंतर्गत आता है, जिससे यह दिशानिर्देशों के अनुसार अनुपयुक्त है। गैर-राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा को राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थानांतरित करना सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल शुल्क नीति का उल्लंघन है।

परिवहन मंत्री के प्लान को झटका

गडकरी ने राज्य सरकार को सलाह दी कि वह इस टोल प्लाजा को इनएचएआई के मार्गाधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित करने के बजाय भीड़भाड़ कम करने के अन्य विकल्पों पर मंथन करें।

परिवहन मंत्री सरनाईक पिछले कई महीनों से दहिसर टोल प्लाजा को शिफ्ट करने वकालत कर रहे थे, जिसका समर्थन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी किया है।

अधिकारियों को वर्सोवा क्रीक क्षेत्र के पास के क्षेत्रों सहित एक वैकल्पिक स्थल की पहचान करने का निर्देश दिया गया था और सरनाईक ने इस स्थानांतरण के लिए व्यक्तिगत रूप से गडकरी से मुलाकात की थी। हालांकि, गडकरी की स्पष्ट अस्वीकृति से इस प्रस्ताव को बड़ा झटका लगा है।

50 मीटर का बदलाव

नितिन गडकरी के पत्र के दो दिन बाद 13 नवंबर को दहिसर टोल प्लाजा को मीरा-भायंदर की ओर लगभग 50 मीटर आंशिक रूप से स्थानांतरित कर दिया गया है। सरनाईक ने इस कदम को चरणबद्ध स्थानांतरण का हिस्सा बताया और दावा किया कि शेष हिस्से को भी जल्द ही स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था कि यह स्थानांतरण 13 नवंबर को होगा, और आज हमने वह वादा पूरा कर दिया है। इसके बावजूद, यात्रियों ने बताया कि स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है, लंबी कतारें और पीक आवर्स में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बदला फैसला

राजमार्ग के किनारे बसे ग्रामीणों ने टोल प्लाजा को वसई-विरार या मीरा-भाईंदर में और अंदर स्थानांतरित करने का विरोध किया है, उनका तर्क है कि इससे दैनिक आवाजाही आवागमन बाधित होगा।

भूमिपुत्र फाउंडेशन और भाजपा नेताओं द्वारा समर्थित इस विरोध की वजह से टोल प्लाजा की शिफ्टिंग टेशन का नया सबब बन गया है, यातायात जाम हजारों वाहन चालकों के लिए रोजमर्रा की परेशानी बना हुआ है।

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