मुंबई में फर्जी केस और एक्सटॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश, महिला और वकील गिरफ्तार, 45 लाख रुपये नकद जब्त

Mumbai Crime Branch: मुंबई क्राइम ब्रांच की एएनसी ने फर्जी केस में फंसाकर करोड़ों रुपये ऐंठने वाले गिरोह की महिला और वकील को गिरफ्तार किया। 45 लाख रुपये नकद और कार बरामद।
Fake case and extortion racket busted in Mumbai: Woman and lawyer arrested
अपराध शाखा, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Mumbai Crime Branch Anti Extortion Cell: मुंबई अपराध शाखा की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल AEC ने फर्जी आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में नई दिल्ली की 31 वर्षीय निवेदिता शर्मा और 27 वर्षीय वकील राहतराज मिश्रा को गिरफ्तार किया है। दोनों पर गुजरात के आईटी कारोबारी नीलाय पटेल से 2.5 करोड़ रुपये ऐंठने की साजिश रचने का आरोप है।

झूठे केस में फंसाने की धमकी

पुलिस के अनुसार, निवेदिता शर्मा ने 23 जुलाई को मुंबई एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में नीलाय पटेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कथित तौर पर मामला वापस लेने के बदले कारोबारी से पहले 4 से 5 करोड़ रुपये की मांग की गई। बातचीत के बाद यह रकम 2.5 करोड़ रुपये तय हुई।

रिश्तेदारों ने पुलिस से की शिकायत

कारोबारी के रिश्तेदारों और दोस्तों ने आरोपियों के साथ हुई बातचीत रिकॉर्ड कर पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। योजना के तहत 13 अगस्त को बीकेसी में 5 लाख रुपये की अग्रिम रकम दी गई।

45 लाख रुपये लेते महिला गिरफ्तार

इसके अगले दिन 14 अगस्त को जुहू में 45 लाख रुपये की बकाया किस्त लेने पहुंची निवेदिता शर्मा को पुलिस ने कथित तौर पर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 45 लाख रुपये नकद के अलावा मोबाइल फोन और एक बलेनो कार भी जब्त की।

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वकील साथी भी गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस को इस कथित साजिश में राहतराज मिश्रा की भूमिका के डिजिटल और अन्य सबूत मिले। इसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

पहले भी 50 लाख रुपये वसूलने का आरोप

जांच अधिकारियों को डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में पता चला कि कथित गिरोह ने इससे पहले आशीष चंद नामक व्यक्ति से 50 लाख रुपये वसूले थे। पुलिस को आशंका है कि यह मामला किसी अंतरराज्यीय संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है।

अन्य संदिग्धों की तलाश

मामले में बासित खान को पुलिस ने वांछित आरोपी घोषित किया है। वहीं, राम्या और प्रतीक नाम के दो अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

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