छत्रपति संभाजीनगर की हर संपत्ति को मिलेगा अलग पीआर कार्ड, ड्रोन सर्वे से बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

Sambhajinagar Drone Survey: छत्रपति संभाजीनगर में ड्रोन सर्वे के जरिए हर पात्र संपत्ति का अलग पीआर कार्ड बनाया जाएगा। इससे स्वामित्व विवाद घटेंगे और बैंक लोन व संपत्ति लेन-देन आसान होगा।
Chhatrapati Sambhajinagar Drone Survey PR Card Property Digital Record
मीटिंग के दौरान संभाजीनगर मनपा आयुक्त (फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Chhatrapati Sambhajinagar Drone Survey: शहर की संपत्तियों के स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।महानगर पालिका और भूमि अभिलेख विभाग संयुक्त रूप से पूरे शहर का ड्रोन सर्वे कर प्रत्येक पात्र संपत्ति के लिए अलग पीआर कार्ड तैयार करेंगे। इससे स्वामित्व संबंधी विवाद कम होंगे और बैंक ऋण, खरीद-बिक्री तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक सरल और सुरक्षित बनेंगी। राज्य सरकार द्वारा 26 मई 2026 को जारी किए गए अधिसूचना के अनुसार मनपा प्रशासन इस पर अमलीजामा पहनाने जा रही है। इस पर अमलीजामा पहनाने में भूमि अभिलेख विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। यह जानकारी महापौर समीर राजूरकर तथा मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने आयोजित प्रेस वार्ता में दी ।

ड्रोन तकनीक से होगा पूरे शहर का सर्वे

मनपा आयुक्त ने बताया कि मनपा सीमा में शामिल पुराने गांवों और उन क्षेत्रों का आधुनिक तकनीक से सर्वेक्षण किया जाएगा, जहां अब तक अलग पीआर कार्ड उपलब्ध नहीं हैं। ड्रोन के माध्यम से प्रत्येक भूखंड की सीमा, क्षेत्रफल और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज किए जाएंगे। इसके आधार पर प्रत्येक पात्र संपत्ति के लिए अलग पीआर कार्ड तैयार किया जाएगा।मनपा का लक्ष्य लगभग एक वर्ष के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने का है।

हजारों संपत्तियों को मिलेगी अलग पहचान

महापौर समीर राजूरकर ने बताया कि शहर की बड़ी संख्या में संपत्तियां अभी भी पुराने राजस्व अभिलेखों (7/12) में दर्ज हैं। एक ही रिकॉर्ड (7/12) में कई संपत्तियां होने से खरीद-बिक्री, बैंक ऋण और अन्य कानूनी कार्यों में परेशानी होती है। अलग पीआर कार्ड मिलने के बाद प्रत्येक संपत्ति का स्वतंत्र सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जिससे स्वामित्व का प्रमाण देना और संपत्ति का लेन-देन आसान हो जाएगा।

एक सवाल के जवाब में महापौर राजूरकर ने बताया कि एक एक 7/12 पर 100 से 150 संपत्तियां दर्ज होती है, ऐसे में लोगों को बैंक से कर्ज पाने में कई दिक्कते आती है। शहर के हर संपत्ति के लिए अलग पीआर कार्ड बनने पर संपत्तियों की खरीदी बिक्री करने का व्यवहार आसान होगा। साथ ही संपत्ति धारक को कर्ज पाने में अधिक दिक्कत नहीं आएगी।

छह करोड़ रुपये की परियोजना

इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग छह करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए महानगर पालिका जिला योजना समिति से वित्तीय सहायता मांगेगा। सर्वेक्षण का पूरा खर्च मनपा वहन करेगा, जबकि नागरिकों से केवल पीआर कार्ड जारी करते समय नाममात्र का शुल्क लिया जाएगा

मनपा की संपत्तियों भी होगी सुरक्षित

इस अभियान के दौरान निजी संपत्तियों के साथ छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका की खुली जमीन, उद्यान, तालाब, सार्वजनिक भवन और अन्य परिसंपत्तियों का भी अलग पीआर कार्ड तैयार किया जाएगा। इससे सरकारी संपत्तियों का रिकॉर्ड मजबूत होगा और अतिक्रमण तथा स्वामित्व विवादों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी।

इन क्षेत्रों की संपत्तियां रहेंगी योजना से बाहर

योजना के पहले चरण में नियोजित आवासीय क्षेत्रों की उन संपत्तियों को शामिल नहीं किया जाएगा, जिनका स्वामित्व हस्तांतरण अभी अंतिम रूप से पूरा नहीं हुआ है। ऐसे मामलों में प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पीआर कार्ड जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com