कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Congress BJP Attack: महाराष्ट्र की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव अतुल लोंढे ने भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए उसे राज्य और देश की एकता के लिए खतरा बताया है। लोंढे का दावा है कि भाजपा विकास की बात करने के बजाय विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दे रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने मीडिया से बातचीत के दौरान बेहद तल्ख तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय जनता पार्टी अब केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं रह गई है, बल्कि यह देश और विशेष रूप से महाराष्ट्र और मुंबई के भविष्य के लिए एक संकट बन चुकी है। लोंढे के अनुसार, भाजपा ने सत्ता के लालच में महाराष्ट्र की समृद्ध राजनीतिक परंपरा और सामाजिक सद्भाव को गहरी क्षति पहुंचाई है।
महाराष्ट्र में गठबंधन की राजनीति और एकनाथ शिंदे की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अतुल लोंढे पाटिल ने कहा कि शिंदे अपनी किसी व्यक्तिगत लोकप्रियता या मेहनत के कारण उपमुख्यमंत्री (या सत्ता के शीर्ष) पर नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि शिंदे को भाजपा ने अपनी सुविधा के अनुसार वहां बैठाया है। ऐसे में यह सवाल ही पैदा नहीं होता कि वे अपने दम पर कोई बड़ा फैसला ले सकें। जब कोई नया गठबंधन बनता है, तो वह अच्छी बात हो सकती है, लेकिन क्या कभी कोई मोहरा राजा से पहले फैसला ले सकता है? जवाब साफ तौर पर ‘नहीं’ है।
मुंबई की पहचान पर जोर देते हुए लोंढे ने कहा कि यह सपनों का शहर ‘मेरिट’ और ‘हुनर’ पर चलता है। भारतीय संविधान हर नागरिक को यहाँ रहने और फलने-फूलने का अधिकार देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर भाषा, प्रांत, धर्म और जाति के आधार पर समाज को बांट रही है। लोंढे के मुताबिक, यह फूट इसलिए डाली जा रही है ताकि जनता एकजुट होकर सत्ताधारियों से जवाब न मांग सके।
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लोंढे ने जनता से अपील की कि वे भाजपा के ‘बांटने वाले एजेंडे’ को समझें। उन्होंने कुछ ज्वलंत प्रश्न उठाए। उन्होंने पूछा कि धारावी पुनर्विकास परियोजना का असल सच क्या है और वहां के निवासियों का क्या होगा? मुंबई की सड़कों पर गड्ढों की समस्या का अंत कब होगा? शहर की चरमराती ट्रैफिक व्यवस्था और कचरा प्रबंधन (Waste Management) में हम लगातार पीछे क्यों जा रहे हैं?
कांग्रेस प्रवक्ता ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि जब तक जनता इन बुनियादी और वास्तविक मुद्दों पर सवाल नहीं पूछेगी, तब तक राजनीति केवल भावनात्मक मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र की जनता अब बदलाव और जवाबदेही चाहती है।