Congress ने एनसीपी से दूरी बनाई, जिला परिषद व पंचायत चुनावों में गठबंधन का रास्ता अलग
Maharashtra Politics: कांग्रेस ने एनसीपी से गठबंधन नहीं करने का ऐलान किया। जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव में समविचारी दलों से गठजोड़ संभव होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
हर्षवर्धन सपकाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: कांग्रेस ने सूबे की जिला परिषदों व पंचायत समितियों के चुनाव से डीसीएम अजीत पवार की एनसीपी से दूरी बना ली है। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एलान किया है कि कांग्रेस एनसीपी से गठबंधन नहीं करेगी।
जहां संभव होगा वहां समविचारी दलों से गठजोड़ किया जाएगा। राज्य की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव 5 फरवरी को होंगे, चर्चा है कि चाचा शरद पवार और भतीजा अजीत पवार मिलकर व घड़ी चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे।
- इस बीच कांग्रेस ने खुद को अलग कर लिया है। सपकाल ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी एनसीपी (घड़ी) से गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी की मुंबई में हुई राज्य चयन समिति की बैठक में यह फैसला किया गया है। नगर परिषदों और मनपा चुनावों में कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन के घटक दलों के साथ जिस तरह गठबंधन किया, उसी तरह जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में भी गठबंधन किया जाएगा।
- जहां गठबंधन संभव होगा, वहां किया जाएगा। लेकिन ‘घड़ी’ के साथ कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा, वंचित बहुजन आघाड़ी के मामले में सपकाल ने कहा कि लातूर और नांदेड मनपा में दोनों दलों ने गठबंधन कर उचित तरीके से चुनाव का सामना किया। वंचित के साथ गठबंधन केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि विचारों का मेल है। जो आलोचना की जा रही है वह एकांगी है।
PM ने मणिकर्णिका घाट पर चलवाया बुलडोजर
सपकाल ने आरोप लगाया कि सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त करने वाले गजनी के महमूद की तरह ही पीएम नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में अहिल्यादेवी होलकर द्वारा निर्मित मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर चलवाया है।
सम्बंधित ख़बरें
ट्रिपल अटैक की चपेट में मुंबई, टैंकर और BEST की हड़ताल और बेतहाशा गर्मी मार, मुंबईकर होंगे बेहाल
दादर प्लाजा के पास BEST की अनियंत्रित इलेक्ट्रिक बस ने कई वाहनों को रौंदा; 2 की मौत, 12 घायल
गृहिणियों का बिगड़ा बजट: LPG महंगी होने पर शरद पवार का हमला, बोले- जनता को मिल रहे महंगाई के झटके
5 साल के एमओयू से बदलेगी तस्वीर, नागपुर-वर्धा में मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस; ‘उड़ान’ परियोजना का भी विस्तार
ये भी पढ़ें :- नवभारत विशेष: मुंबई में ब्रांड ठाकरे को क्यों मिली विफलता ?
घाट और घाट पर स्थित मूर्तियों को नष्ट किया गया है। अहिल्यादेवी की स्मृतियों को मिटाने का घोर पाप भाजपा और मोदी ने किया है। इसके लिए मोदी को धनगर समाज और जनता से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए एक ओर भाजपा सरकार अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती मनाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, दूसरी ओर उनकी स्मृतियों को मिटाने का पाप कर रही है।
