

Colaba Samrat Rudraksha Ganesh Idol: गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में हर साल अलग-अलग थीम और सामग्रियों से गणेश प्रतिमाएं तैयार की जाती हैं। इस बार दक्षिण मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धि कृपा मंडल की अनोखी गणेश प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंडल ने इस वर्ष 1 लाख 11 हजार रुद्राक्ष की मालाओं से ‘कुलाबा सम्राट’ की प्रतिमा तैयार की है।
करीब दो दशक पहले दक्षिण मुंबई में अलग-अलग और अनोखी सामग्रियों से गणेश प्रतिमाएं बनाने की परंपरा काफी लोकप्रिय थी। केले के गुच्छों, तीखे मसालों, चॉकलेट और यहां तक कि विभिन्न निर्जीव वस्तुओं से भी गणेश प्रतिमाएं तैयार की जाती थीं। बाद में ऊंची और भव्य प्रतिमाएं बनाने की होड़ के बीच इस तरह की कलात्मक परंपरा धीरे-धीरे पीछे छूट गई। अब एक बार फिर मुंबई के कुछ गणेश मंडलों की ओर से इस परंपरा को जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।
श्री सिद्धि कृपा मंडल ने रुद्राक्ष से गणेश प्रतिमा बनाने की अवधारणा पहली बार 2004 में अपनाई थी। इसके बाद मंडल की ओर से विष्णु, विठ्ठल और कृष्ण सहित विभिन्न देवी-देवताओं की रुद्राक्ष प्रतिमाएं भी बनाई गईं।
मंडल के पदाधिकारी विनोद शेंडगे ने बताया कि इस वर्ष मंडल के युवा कार्यकर्ताओं ने दोबारा रुद्राक्ष से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद इस अनोखी प्रतिमा को तैयार करने का निर्णय लिया गया।
रुद्राक्ष से सजी ‘कुलाबा सम्राट’ की गणेश प्रतिमा के आगमन जुलूस की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। अनोखे स्वरूप वाली इस प्रतिमा को देखने के लिए भक्तों में भी उत्सुकता दिखाई दे रही है।
रुद्राक्ष से सजी गणेश प्रतिमा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बन रही है, बल्कि मुंबई की पुरानी गणेशोत्सव कला और परंपरा को भी नई पहचान दे रही है।
मंडल पदाधिकारी के अनुसार, इस पहल में युवा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऊंची प्रतिमाओं के दौर में पीछे छूट रही अनोखी कलात्मक परंपरा को फिर से सामने लाने का यह प्रयास भक्तों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
दक्षिण मुंबई की इस पहल से एक बार फिर यह देखने को मिल रहा है कि गणेशोत्सव केवल भव्यता ही नहीं, बल्कि रचनात्मकता, परंपरा और कलात्मक प्रयोगों का भी उत्सव है।