MMR को ‘मल्टी-इन्फ्रा’ बूस्ट! पालघर की पांच मेगा परियोजनाएं बदलेंगी कनेक्टिविटी, अर्थव्यवस्था में होगा वृद्धि
CM Visits MMR Palghar Projects: पांच मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। बंदरगाह, बुलेट ट्रेन, एयरपोर्ट और सी-लिंक से MMR की कनेक्टिविटी व अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
परियोजनाओं का निरीक्षण करते CM (फोटो नवभारत)
CM Visits MMR Palghar Projects Connectivity: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को पालघर जिले का दौरा कर महाराष्ट्र के विकास के लिए मील का पत्थर मानी जाने वाली पांच प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इन परियोजनाओं में वाढवण बंदरगाह, बुलेट ट्रेन, नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नारिंगी खाड़ी पुल और उत्तन-विरार समुद्री सेतु शामिल हैं।
प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं, ताकि मुंबई महानगर क्षेत्र को एक महा-आर्थिक क्षेत्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) को आने वाले वर्षों में परिवहन और बुनियादी ढांचे का एक अभूतपूर्व मल्टी-इन्फ्रा बूस्ट मिलने जा रहा है। पालघर जिले में आकार ले रहीं ये पांच मेगा परियोजनाएं एमएमआर की कनेक्टिविटी की तस्वीर को पूरी तरह से बदल देंगी।
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नए बंदरगाह, हवाई अड्डे, हाई-स्पीड रेल और समुद्री सेतुओं के इस एकीकृत नेटवर्क से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भारी बढ़ोतरी होने से अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी वृद्धि होगी। इन ढांचागत बदलावों के पूरा होने से मुख्य मुंबई शहर पर से जनसंख्या और यातायात का भारी दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
व्यापार और रोजगार को मिलेगी नई ऊर्जा
पालघर के चिंचणी समुद्र तट पर प्रस्तावित वाढवण ग्रीनफील्ड बंदरगाह एमएमआर के औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा देगा। लगभग 76,220 करोड़ रुपए की भारी लागत से 1,448 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाला यह नेक्स्ट जेनरेशन गहरा समुद्री बंदरगाह अगले 60 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा।
यह बंदरगाह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) के पूरक के तौर पर काम करेगा, जिससे वैश्विक निर्यात का खर्च और समय घटेगा। इसके शुरू होने से विनिर्माण और पैकेजिंग उद्योगों का एक नया गलियारा तैयार होगा, जो लाखों की संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
कनेक्टिविटी होगी हाई-स्पीड
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ रहे यात्री और माल ढुलाई के दबाव को कम करने के लिए पालघर में नया वाढवण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रस्तावित है। यह हवाई अड्डा विशिष्ट माल ढुलाई गलियारे (डीएफसीसी), बुलेट ट्रेन और मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे के करीब होने के कारण एमएमआर का तीसरा बड़ा विमानन केंद्र बन जाएगा।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत बोईसर स्टेशन के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। इस स्टेशन के बनने से मुंबई के बीकेसी (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स) से पालघर तक की दूरी महज कुछ मिनटों में सिमट जाएगी।
नारिंगी खाड़ी पुल और उत्तन-विरार सी-लिंक बचाएंगे समय
सड़क यातायात को सुगम बनाने के लिए दो बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है, जिनका सीधा फायदा आम नागरिकों को मिलेगा। लगभग 850 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 4.10 किलोमीटर लंबा नारिंगी खाड़ी पुल वसई-विरार को सफाले, पालघर और बोईसर से सीधे जोड़ेगा। इससे यात्रा की दूरी 40 किलोमीटर और समय लगभग 45 मिनट कम हो जाएगा।
इसके अलावा, लगभग 58,754.51 करोड़ रुपए की लागत वाला छह लेन का उत्तन-विरार समुद्री सेतु दक्षिण मुंबई से अहमदाबाद तक के सफर को बेहद तेज और सुरक्षित बनाएगा, जिससे एमएमआर के भीतर श्रम गतिशीलता बहुत आसान हो जाएगी।
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एमएमआर का होगा सर्वांगीण विकास
इन सभी ढांचागत परियोजनाओं के कारण मुंबई में जमीन की कमी और महंगी कीमतों की समस्या का स्थायी समाधान भी निकलेगा। यातायात व्यवस्था मजबूत होने से विरार, बोईसर और पालघर के इलाके किफायती आवास के नए केंद्रों के रूप में विकसित होंगे, जहां मुंबई के कामकाजी वर्ग को सस्ते घर और बेहतर जीवन स्तर मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस अहम दौरे के दौरान वन मंत्री गणेश नाईक, मत्स्य व्यवसाय मंत्री नितेश राणे, सांसद डॉ. हेमंत सवरा, जेएनपीए अध्यक्ष गौरव दयाल सहित अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
