- Hindi News »
- Maharashtra »
- Mumbai »
- Cji Br Gavai Being Judge Opportunity To Serve Society Nation
जज बनना 10 से 5 की नौकरी नहीं, CJI गवई बोले – यह समाज और राष्ट्र की सेवा का अवसर
सीजेआई ने अपने पूर्व संस्थान ‘चिकित्सक समूह शिरोडकर स्कूल' की कक्षाओं का दौरा किया और अपने पुराने सहपाठियों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर बात की।
- Written By: प्रिया जैस

सीजेआई बीआर गवई (सौजन्य-सोशल मीडिया)
मुंबई: भारत के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई ने रविवार को अपने पूर्व संस्थान का दौरान किया। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर बात की। सीजेआई ने कहा कि जज बनना 10 से 5 की नौकरी नहीं है, यह समाज की सेवा और राष्ट्र की सेवा करने का अवसर है। हाल ही में जजों के असभ्य व्यवहार की शिकायते सामने आई थी, जिसके बाद उनका ये बयान आया। बीआर गवई ने कहा कि जजों को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए, जिससे इस प्रतिष्ठित संस्थान पर किसी भी तरह की आंच आए।
उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्थान की प्रतिष्ठा कई पीढ़ियों के वकीलों-जजों की निष्ठा और समर्पण से बनी है। उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि जजों से उम्मीद की जाती है कि वे अपने विवेक, पद की शपथ और कानून के मुताबिक काम करें। उन्हें केस का फैसला होने पर विचलित नहीं होना चाहिए। जज अपनी शपथ-प्रतिबद्धता के लिए सच्चे रहें।
जजों की नियुक्ति पर सीजेआई
चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि कानून या संविधान की व्याख्या व्यावहारिक होनी चाहिए। ये समाज की जरूरत और वर्तमान पीढ़ी की परेशानियों के मुताबिक होनी चाहिए। जजों की नियुक्ति के मामले पर सीजेआई ने कहा कि किसी भी कीमत पर न्यायपालिका की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट में जजों की नियुक्तियों के दौरान कॉलेजियम तय करता है कि विविधता, समावेशिता के साथ-साथ योग्यता भी बनी रहे।
सम्बंधित ख़बरें
वर्धा में तैराकी का क्रेज: नगर परिषद के इकलौते स्विमिंग पूल में भारी भीड़; नए पूल का काम 50% अधूरा, जल्द पूरा
अकोला में जनजागृति अभियान शुरू, समय पर मुफ्त उपचार और सही पोषण से संभव है टीबी का पूर्ण उन्मूलन
महज एक सांसद नहीं, ‘शिक्षा महर्षि’ भी थे दत्ता मेघे; जानिए कैसे उन्होंने वर्धा को बनाया उच्च शिक्षा का एक बड़ा
गोंदिया में विश्व क्षयरोग दिवस: ‘निक्षय मित्र’ बनकर जिले को टीबी मुक्त बनाने की अपील
इस दौरान सीजेआई ने अपने पूर्व संस्थान ‘चिकित्सक समूह शिरोडकर स्कूल’ की कक्षाओं का दौरा किया और अपने पुराने सहपाठियों के साथ बातचीत की। सीजेआई ने इसी संस्थान में प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई पूरी की। रविवार को उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा में पढ़ाई करने से व्यक्ति में अवधारणा के स्तर पर समझ बढ़ती है और जीवन के लिये मजबूत मूल्यों का विकास होता है। उन्होंने मुंबई के एक मराठी-माध्यम स्कूल में अपने छात्र दिनों को याद किया।
मातृभाषा में अध्ययन का बताया महत्व
न्यायमूर्ति गवई ने कहा, ‘‘आज मैं जिस भी मुकाम पर पहुंचा हूं, उसमें मेरे शिक्षकों और इस स्कूल की अहम भूमिका रही है। यहां मुझे जो शिक्षा और मूल्य मिले, उन्होंने मेरे जीवन को दिशा दी। सार्वजनिक भाषण में मेरी यात्रा इसी मंच से शुरू हुई। भाषण प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से, मैंने आत्मविश्वास हासिल किया। मैं आज जो कुछ हूं, यह उन अवसरों की वजह से ही हूं।”
‘मैं हिंदी बोलता हूं’, जश्न के बाद बोले संजय राउत, कहा- राजनीति के लिए आए साथ
चीफ जस्टिस ने मराठी माध्यम में अपनी स्कूली शिक्षा को याद करते हुए कहा कि अपनी मातृभाषा में अध्ययन करने से अवधारणा के स्तर पर बेहतर समझ विकसित होती है तथा व्यक्ति में मजबूत मूल्य विकसित होते हैं, जो जीवन भर आपके साथ रहते हैं।
CJI गवई को सम्मानित करेगा महाराष्ट्र विधानमंडल
भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) भूषण गवई को मई में सर्वोच्च न्यायिक पद संभालने के लिए, 8 जुलाई को यहां महाराष्ट्र विधानमंडल परिसर में सम्मानित किया जाएगा। विधानमंडल सचिवालय ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि इस कार्यक्रम में सीजेआई भारत का संविधान विषय पर संबोधन देंगे। सम्मान समारोह विधान भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि यह कार्यक्रम न्यायमूर्ति गवई के सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन होने के सम्मान में आयोजित किया जा रहा है, जो पूरे महाराष्ट्र के लिए उपलब्धि है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Cji br gavai being judge opportunity to serve society nation
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
9000mAh बैटरी और 165FPS गेमिंग वाला OnePlus Nord 6, कीमत जानकर चौंक जाएंगे
Mar 24, 2026 | 05:56 PM‘सावधान! भारत बहुत खतरनाक है’: ऑस्ट्रेलियाई ट्रैवलर डंकन मैकनॉट के दावे ने इंटरनेट पर मचाया तहलका
Mar 24, 2026 | 05:55 PMभारत में इच्छा मृत्यु पाने वाले पहले व्यक्ति का हुआ निधन, हरीश राणा ने दिल्ली एम्स में ली आखिरी सांस
Mar 24, 2026 | 05:49 PMस्वप्नदोष से छुटकारा चाहते हैं? Premanand Ji Maharaj का अचूक उपाय, मन पर जीत का आसान रास्ता
Mar 24, 2026 | 05:45 PMदेश छोड़कर विदेश भागने की फिराक में था भोंदू बाबा, सीएम फडणवीस ने विधानसभा में खोला अशोक खरात का कच्चा चिट्ठा
Mar 24, 2026 | 05:45 PMचांदुर बाजार में महावितरण की डोर-टू-डोर वसूली, बकायादारों पर कार्रवाई
Mar 24, 2026 | 05:44 PMवर्धा में तैराकी का क्रेज: नगर परिषद के इकलौते स्विमिंग पूल में भारी भीड़; नए पूल का काम 50% अधूरा, जल्द पूरा
Mar 24, 2026 | 05:43 PMवीडियो गैलरी

25 मार्च को कोलकाता में धमाका: ओवैसी और कबीर की जोड़ी तोड़ेगी TMC का किला, जानें पूरा प्लान
Mar 24, 2026 | 01:53 PM
दूल्हा निकला महाठग; खुद को बताया कलेक्टर, तिलक में लिए 15 लाख…फिर नई नवेली पत्नी का ही करने लगा सौदा- VIDEO
Mar 23, 2026 | 10:05 PM
डॉक्टर सईद खान की घिनौनी करतूत! हिंदू युवती को नशीला इंजेक्शन देकर किया रेप, तस्वीरें खींचकर किया ब्लैकमेल
Mar 23, 2026 | 09:58 PM
जिंदगी या जंग? खचाखच भरी ट्रेन, मूसलाधार बारिश और गेट पर लटकता कांपता हुआ यात्री; वायरल हुई बेबसी की तस्वीर
Mar 23, 2026 | 09:54 PM
संसद में गूंजी शांभवी चौधरी की शायरी! विपक्ष पर कसा तंज, PM मोदी के ‘राजधर्म’ को बताया सबसे ऊपर- VIDEO
Mar 23, 2026 | 09:48 PM
कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर में पुजारियों का तांडव! श्रद्धालुओं को जमीन पर पटककर लातों से पीटा, वीडियो वायरल
Mar 23, 2026 | 09:42 PM













