ED दफ्तर की आग में जला छगन भुजबल का पासपोर्ट, कोर्ट ने दी राहत, बढ़ाई विदेश यात्रा की सीमा
मुंबई में अप्रैल के महीने में ईडी के दफ्तर में लगी आग में राज्य के मंत्री छगन भुजबल का पासपोर्ट जलकर राख हो गया था। पासपोर्ट जलने का छगन भुजबल को अब फायदा होता नजर आ रहा है, क्योंकि कोर्ट ने उन्हें अब बड़ी राहत दे दी है।
- Written By: प्रिया जैस
छगन भुजबल को कोर्ट से राहत (सौजन्य-सोशल मीडिया)
मुंबई: एनसीपी के वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल को विदेश यात्रा के लिए समय सीमा बढ़ा दी गई है। अप्रैल में मुंबई के ईडी कार्यालय में लगी आग के कारण छगन भुजबल और उनके बेटे पंकज भुजबल के पासपोर्ट क्षतिग्रस्त हो गए थे। मुंबई स्थित ईडी कार्यालय में अप्रैल माह में आग लग गई थी।
इस आग में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए, जिसमें भुजबल और उनके पुत्र पंकज के पासपोर्ट भी शामिल थे। इसकी पुष्टि ईडी ने मुंबई सत्र न्यायालय के समक्ष की। इसके बाद विशेष अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए छगन और पंकज को विदेश यात्रा के लिए समय सीमा बढ़ाने की अनुमति दे दी। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भुजबल पिता-पुत्र फिलहाल जमानत पर हैं।
पासपोर्ट जलकर फटा
इस कारण उन्हें हर बार विदेश यात्रा से पहले न्यायालय से विधिवत अनुमति लेनी होती है। इसके बाद ही जांच एजेंसी के पास जमा उनका पासपोर्ट एक निश्चित समय के लिए उन्हें सौंपा जाता है। हालांकि, ईडी कार्यालय में लगी आग के कारण वहां जमा कुछ दस्तावेजों को नुकसान हुआ, जिसमें भुजबल पिता-पुत्र के पासपोर्ट भी शामिल थे।
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ईडी कार्यालय में लगी आग के कारण पासपोर्ट जलकर फट चुका था। इसी कारण से भुजबल 24 मई से 8 जून तक की अपनी नियोजित विदेश यात्रा पर नहीं जा सके। जब उन्हें नया पासपोर्ट मिला, तब उन्होंने 28 मई को अपनी यात्रा शुरू की। इसलिए भुजबल ने कोर्ट से अपनी विदेश यात्रा की समय सीमा 12 जून तक बढ़ाने की अनुमति मांगी।
सरकारी वकीलों ने किया विरोध
सरकारी वकीलों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यदि भुजबल की समय सीमा बढ़ा दी गई तो वे फरार हो सकते हैं और इससे मुकदमे में देरी हो सकती है। हालांकि, पीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एस. आर. नावंदर ने ईडी की आपत्ति को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी को पहले भी विदेश जाने की अनुमति दी गई थी, और जब्त दस्तावेजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी ईडी की ही है। इसलिए अदालत ने भुजबल की विदेश यात्रा की समय सीमा बढ़ा दी।
