मासूम की मौत पर सियासत का गंदा खेल, चेंबूर पेड़ हादसे पर BMC रिपोर्ट को लेकर प्रशासन और सत्ता पक्ष में घमासान

Mumbai Chembur Tree Collapse BMC Report Leak: मुंबई के चेंबूर में पेड़ गिरने से हुई मासूम की मौत के मामले में बीएमसी की जांच रिपोर्ट मीडिया में लीक होने पर सत्ता पक्ष और प्रशासन के बीच ठन गई है।
Chembur Tree Collapse BMC Report
चेंबूर पेड़ हादसे की BMC रिपोर्ट लीक (फोटो क्रेडिट-X)
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Chembur Tree Collapse BMC Report: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के चेंबूर इलाके में एक पेड़ गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में एक मासूम बच्चे की मौत और कई अन्य के गंभीर रूप से घायल होने के मामले ने अब एक बेहद गंदा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस हृदयविदारक हादसे के बाद तैयार की गई बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की आधिकारिक जांच रिपोर्ट को लेकर नगर निगम के भीतर सत्ता पक्ष और प्रशासनिक विंग के बीच चल रहा शीत युद्ध अब खुलकर सामने आ गया है, जिससे प्रशासन में भारी घमासान मच गया है।

विवाद की मुख्य वजह जांच रिपोर्ट का औपचारिक रूप से सक्षम समितियों के सामने पेश होने से पहले ही मीडिया में लीक हो जाना है। रिपोर्ट के सार्वजनिक डोमेन में आने पर बीएमसी के सत्ता पक्ष ने कड़ी नाराजगी और गंभीर आपत्ति जताई है। सत्ता पक्ष के नेताओं का सीधा आरोप है कि यह रिपोर्ट जानबूझकर और एक सुनियोजित साजिश के तहत प्रशासन द्वारा मीडिया में लीक की गई है, ताकि राजनीतिक फायदा उठाया जा सके और वास्तविक जिम्मेदार लोगों को बचाया जा सके।

महापौर और स्थायी समिति को दरकिनार कर रिपोर्ट सार्वजनिक

बीएमसी के भीतर स्थापित और वर्षों से चली आ रही प्रचलित वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार, किसी भी गंभीर दुर्घटना या मामले की ऐसी जांच रिपोर्ट सबसे पहले संबंधित विभाग (इस मामले में उद्यान विभाग), उसके बाद स्थायी समिति और अंत में महापौर के सामने आधिकारिक तौर पर विचार और चर्चा के लिए पेश की जानी अनिवार्य होती है। स्थायी समिति और महापौर की मंजूरी के बाद ही रिपोर्ट के निष्कर्षों को सार्वजनिक किया जा सकता है या उन पर कोई प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

लेकिन, इस मौजूदा मामले में निर्धारित लोकतांत्रिक और प्रशासनिक प्रक्रिया को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया। रिपोर्ट जनप्रतिनिधियों को सौंपे जाने से पहले ही मुख्यधारा के मीडिया चैनलों और समाचार पत्रों में सुर्खियां बन गई। इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा एतराज दर्ज कराते हुए कहा है कि यह न केवल स्थापित परंपराओं का उल्लंघन है, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का भी एक गंभीर प्रयास है।

लापरवाही पर पर्दा डालने के लग रहे आरोप

गौरतलब है कि सत्ता पक्ष ने चेंबूर पेड़ दुर्घटना की इस जांच रिपोर्ट के शुरुआती निष्कर्षों और सिफारिशों पर पहले ही अपनी गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया था। अब रिपोर्ट के आधिकारिक रूप से पेश होने से पहले ही सार्वजनिक हो जाने पर सत्ता पक्ष द्वारा प्रशासन पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए जा रहे हैं।

सत्ता पक्ष के नेताओं ने मांग की है कि इस गोपनीय रिपोर्ट को लीक करने वाले दोषी अधिकारियों की तुरंत पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए। बीएमसी सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना की इस प्रारंभिक रिपोर्ट में पेड़ों के नियमित रखरखाव में गंभीर लापरवाही, प्री-मॉनसून (तूफान से पहले) की तैयारियों की कमी और उद्यान विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही पर कई तीखे सवाल उठाए गए थे, जिसे नगर निगम का मौजूदा सत्ता पक्ष राजनीतिक कारणों से मानने को तैयार नहीं है और इसे खारिज कर रहा है।

प्रशासन ने प्रक्रिया भंग कर किया लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन

सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर आरोप लगाया है कि बीएमसी प्रशासन ने निर्धारित प्रक्रिया को भंग कर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील हादसे, जिसमें एक मासूम की जान चली गई, BMC की रिपोर्ट को राजनीतिक हथियार बनाना बेहद निंदनीय है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सीधा उल्लंघन है।

दूसरी तरफ, इस पूरे हाई-प्रोफाइल विवाद पर बीएमसी प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट लीक होने का मामला गंभीर है और इसकी आंतरिक जांच की जा सकती है। फिलहाल, इस रिपोर्ट पर अंतिम और वैधानिक फैसला महापौर और स्थायी समिति की आगामी विशेष बैठक में ही लिया जाएगा। तब तक नगर निगम में सत्ता पक्ष और प्रशासन एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जिससे विकास कार्य और प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।

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