मुंबई में बारिश के साथ बढ़ा बीमारियों का खतरा, BMC ने 10 लाख घरों का किया सर्वे; निर्माण स्थलों पर जांच तेज

Mumbai Dengue Case: मुंबई में मानसून जनित बीमारियों को रोकने के लिए बीएमसी ने 10.69 लाख घरों का सर्वे किया। निर्माण स्थलों की जांच में 37 मजदूर मलेरिया संक्रमित पाए गए।
BMC intensifies measures against Malaria, Dengue, and Leptospirosis in Mumbai, conducting health surveys of over 10 lakh homes amidst monsoon rains.
डेंगू और स्वाइन फ्लू बीमारियों का खतरा (प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: एआई फोटो)
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Mumbai Monsoon Disease Alert: मुंबई में बारिश के बीच मलेरिया, डेंगू और स्वाइन फ्लू के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है, जबकि सड़कों पर फैले दूषित पानी के कारण लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा भी बढ़ने लगा है। ऐसे में बीएमसी ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखते हुए घर-घर सर्वे, निर्माण स्थलों की जांच, रक्त परीक्षण, फॉगिंग और वेक्टर नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। साथ ही नागरिकों से जमा पानी से बचने, मच्छरों की रोकथाम के उपाय अपनाने और जोखिम वाले क्षेत्रों में लेप्टोस्पायरोसिस रोधी दवा लेने की अपील की है।

रखी जा रही है विशेष निगरानी

मुंबई में मच्छर जनित और जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में मलेरिया, डेंगू और अन्य मानसून जनित संक्रमणों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

लगातार बारिश से कई स्थानों पर पानी जमा होने के कारण लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा भी बढ़ा है। बीएमसी ने जून और जुलाई में स्पेशल कंस्ट्रक्शन ड्राइव के तहत 3,000 निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया।

इस दौरान 54,763 मजदूरों के रक्त नमूनों की जांच की गई, जिनमें 37 मजदूर मलेरिया से संक्रमित पाए गए और उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया। 1 जून से 14 जुलाई के बीच 10.69 लाख घरों का सर्वे, 36.81 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच, 1,00,472 रक्त नमूने एकत्र किए गए और 96 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए।

इसके अलावा 90,728 कार्यालयों और कार्यस्थलों का निरीक्षण किया गया तथा 4,938 लोगों को लेप्टोस्पायरोसिस की रोकथाम के लिए प्रोफिलेक्सिस दवा दी गई।

बीएमसी की अपील

मुंबई बीएमसी ने नागरिकों से घर और आसपास पानी जमा न होने देने, मच्छरदानी या रिपेलेट का उपयोग करने तथा बुखार होने पर तुरंत बीएमसी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है। साथ ही उबला पानी पीने, खुले - खाद्य पदार्थों से परहेज, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और कोविड-19 व इन्फ्लुएंजा से बचाव के लिए खांसी-छींक के शिष्टाचार का पालन करने की सलाह दी है। बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए भी कहा गया है।

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