गिरगांव पुल निर्माण पर सैफी हॉस्पिटल के खिलाफ प्रदर्शन, मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा का बड़ा ऐलान
Girgaon में चर्नी रोड-गिरगांव पुल निर्माण को लेकर सैफी हॉस्पिटल के खिलाफ स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने प्रदर्शन में शामिल होकर पुल हर हाल में बनाने का भरोसा दिलाया।
- Written By: अपूर्वा नायक
मंगल प्रभात लोढ़ा (सौ. सोशल मीडिया एक्स )
Mangal Prabhat Lodha News Update: चर्नी रोड-गिरगाव पुल का विरोध कर रहे सैफी हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ गिरगांव के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है।
गिरगांव पुल बचाव समिति और मंगलवाड़ी-केलेवाडी रेजिडेंट्स एसोसिएशन के आह्वान पर स्थानीय नागरिकों ने शनिवार को सैफी हॉस्पिटल के गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
इस आंदोलन में कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा भी शामिल हुए। मंत्री लोढ़ा ने आंदोलनकारी गिरगांवकरों को विश्वास दिलाया कि उनके हक का पुल बन कर रहेगा। पुल निर्माण पूरा करने का संकल्प दोहराते हुए मंत्री लोढ़ा ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और कहा कि सैफी अस्पताल की मनमानी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा, गिरगांवकरों के हक के लिए यह पुल बनकर रहेगा। प्रशासन और जनता के बीच सांठगांठ कर किसी को भी विकास का रास्ता नहीं रोकने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सैफी हॉस्पिटल प्रबंधन ने पिछले चार वर्षों से पुल के निर्माण कार्य को रोक रखा है। चर्नी रोड और गिरगांव को जोड़ने वाले इस पुल के अभाव में स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने 4 साल से रोक रखा काम
गिरगांव पुल बचाव समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में कई दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें दो लोगों की जान भी जा चुकी है। डेढ़ साल पहले अदालत के आदेश के बाद पुल का काम शुरू हुआ था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने फिर से बाधा उत्पन्न कर निर्माण रोक दिया। अब मुंबई महापालिका का नया कार्यकाल शुरू होने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस मुद्दे पर फिर से केंद्रित कराने के लिए यह प्रदर्शन किया गया।
3 वर्षों से मंत्री लोढ़ा कर रहे पुल के लिए संघर्ष
मंत्री मंगलप्रभात लोढा पिछले तीन वर्षों से इस पुल के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने पालिका स्तर पर पहल कर पुल को मंजूरी और फंड भी दिलाया था, लेकिन सैफी अस्पताल ने अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर पालिका को काम करने की अनुमति दे दी थी।
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60 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने फिर से रोड़े अटकाए हैं। इसी के विरोध में शनिवार का आंदोलन आयोजित किया गया था। इस दौरान नगरसेविका स्नेहल तेंदुलकर, गौरांग झवेरी, रवि सानप, शैलेश पोद्दार, दीपक तलेकर और गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित थे।
