‘ऑपरेशन टाइगर’ पर चंद्रकांत खैरे का बड़ा दावा, 600 करोड़ रुपये की जिम्मेदारी ठेकेदार को सौंपे जाने का आरोप
Chandrakant Khaire Operation Tiger Allegations: चंद्रकांत खैरे ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी में फूट डालने की कोशिश के पीछे धन का इस्तेमाल किया गया।
- Written By: अपूर्वा नायक
Chandrakant Khaire (सौ. सोशल मीडिया )
Chandrakant Khaire Operation Tiger Allegations News: शिवसेना के नेता और पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे ने भी बड़ा आरोप लगाकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उनका दावा है कि “ऑपरेशन टाइगर” को सफल बनाने के लिए मराठवाड़ा के एक ठेकेदार को लगभग 600 करोड़ रुपये की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
खैरे ने यह भी कहा कि यह मामला फिलहाल कानूनी पेचीदगियों में फंस गया है, इसलिए “ऑपरेशन टाइगर” सफल नहीं हो पाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता कभी भी गद्दारी करने वालों को माफ नहीं करेगी।
खैरे ने कहा- हम बाल ठाकरे के सच्चे अनुयायी
इस दौरान उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की विचारधारा का भी उल्लेख किया। खैरे ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित 6 सांसदों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खैरे ने कहा कि जितने गद्दार थे, वे सब अब जा चुके हैं। अब पार्टी में कोई फूट नहीं होगी। हम लोग बाल ठाकरे के सच्चे अनुयायी हैं और दगाबाजों को सबक सिखा कर रहेंगे।
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जो उद्धव के नहीं, किसी और के क्या होंगे
खैरे ने कहा कि शिवसेना प्रमुख ने जिस शिवसेना को मराठवाड़ा क्षेत्र में मजबूत किया और जहां से तीन-तीन सांसद चुने गए, उन सभी के लिए उद्धव ने खुद प्रचार किया और उन्हें जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन उन्हीं लोगों ने उद्धव साहब का भी घोर अपमान किया। उन्होंने अपने वादे नहीं निभाए। किसी ने अपने माता-पिता की कसम खाई थी, तो किसी ने साईं बाबा की शपथ ली थी, लेकिन अब उनकी कसमों और शपथों पर कैसे विश्वास किया जाए?
खैरे ने कहा, “मैं इस गुट से कहना चाहता हूं कि जब आप उद्धव ठाकरे के नहीं हो सके, तो फिर किसी और के कैसे होंगे? आप उन्हें भी कभी न कभी धोखा देगे। यह पूरा मामला पैसे का है। मुझे एक महीने पहले ही पता चल गया था कि पार्टी में फूट पड़ने वाली है और छह लोग जाने वाले हैं।
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इस तरह लगातार टूट-फूट कसकर आप अपना राजनीतिक बल बढ़ाने की कोशिश कर रहे है, लेकिन इससे कोई वास्तविक फायदा नहीं होगा, क्योंकि यह झूठा और कृत्रिम बल है। शिवसैनिकों में जबरदस्त आक्रोश है। हम सभी बेहद नाराज हैं। वर्ष 1991 में जब भुजबल 15 लोगों को साथ लेकर अलग हुए थे, तब भी हमे बहुत दुख हुआ था और आज भी वैसा ही दुख हो रहा है। लेकिन शिवसैनिकों ने हमेशा संघर्ष किया है और आगे भी करते रहेंगे।
