CGHS स्टाफ संकट पर मुकुल वासनिक का सवाल, सरकार बोली-2,147 पद खाली
CGHS डिस्पेंसरियों में 2,000 से अधिक पद खाली हैं। सांसद मुकुल वासनिक के सवाल पर केंद्र ने बताया कि एलोपैथी और आयुष दोनों में बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं और सरकार इन्हें भरने पर काम कर रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुकुल वासनिक (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: सीजीएचएस डिस्पेंसरियों में स्वास्थ्य कर्मियों के दो हजार से अधिक पद खाली हैं। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मुकुल बालकृष्ण वासनिक के संसद में पूछे गए सवाल के उत्तर में दी है।
एलोपैथी में 6630 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 4590 पदों पर स्वास्थ्य कर्मी कार्यरत हैं। रिक्त पदों की संख्या 2040 है। इसी प्रकार आयुष में स्वीकृत 425 में से 318 पदों पर स्वास्थ्य कर्मी कार्यरत हैं। आयुष में 107 पद रिक्त हैं।
डॉक्टरों की भर्ती यूपीएससी द्वारा संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा के माध्यम से की जाती है। ग्रुप बी और ग्रुप सी पदों की भर्ती एसएससी द्वारा की जाती है। मंत्री ने बताया केंद्र सरकार ने राज्यों से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अपने बजट में कम से कम 8% की वृद्धि करने का आग्रह किया है।
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मुकुल वासनिक ने जतायी चिंता
इसके अलावा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई कदम उठा रही है जैसे कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत योजना आदि शामिल हैं। सांसद मुकुल वासनिक ने सीजीएचएस डिस्पेंसरियों की खस्ता हालत और रिक्त पड़े डॉक्टरों के पद पर चिंता व्यक्त की थी।
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मुकुल वासनिक के ही एक अन्य प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने बताया कि भारत सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अपने बजट आवंटन में बढ़ोतरी की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 के अनुसर, 2025 तक स्वास्थ्य पर सार्वजनिक निवेश को जीडीपी के 2।5% तक बढ़ाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया 2019-20 में जीडीपी 1।35% से बढ़कर 2021-22 में 1।84% हो गया है, यह एक सकारात्मक कदम है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है।
