Bombay High Court की नई बिल्डिंग पर विवाद, गौतम पटेल बोले-यह अंग्रेजों वाली सोच

Bombay High Court की नई बिल्डिंग के डिजाइन को पूर्व जस्टिस गौतम पटेल ने कॉलोनियल और अलोकतांत्रिक बताते हुए खारिज किया है। आर्किटेक्ट्स ने भी हफीज कॉन्ट्रैक्टर के फाइनल डिजाइन पर आपत्ति जताई।
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बंबई उच्च न्यायालय (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bombay High Court New Building: बॉम्बे हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए भूमिपूजन हो चुका है। इस मौके पर देश के तत्कालीन सीजेआई बीआर गवई ने नसीहत देते हुए कहा था कि न्याय का मंदिर बनाएं, 7 स्टार होटल नहीं।

गवई के गुस्से के बाद पूर्व जस्टिस गौतम पटेल ने हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग के डिजाइन को अलोकतांत्रिक करार दिया है। उन्होंने इस बिल्डिंग की डिजाइन का कनेक्शन अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी से जोड़ा है।

पूर्व जस्टिस गौतम पटेल ने मुंबई आर्किटेक्ट्स कलेक्टिव की एक प्रदर्शनी में कहा कि नई बॉम्बे हाई कोर्ट बिल्डिंग का डिजाइन अलोकतांत्रिक और कॉलोनियल है। गौतम पटेल बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायाधीश रह चुके हैं। हफीज कॉन्ट्रैक्टर ने बनाई है डिजाइन

मुंबई में यह प्रदर्शनी उन डिजाइन एंट्री को दिखाने के लिए लगाई गई थी जिन्हें चुना नहीं गया था। इस मीटिंग में कई आर्किटेक्ट शामिल हुए। जिन्होंने बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में बनने वाली नई बिल्डिंग के फाइनल डिजाइन पर नाराजगी जताई।

गौरतलब हो कि बॉम्बे हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण 30 एकड़ जमीन पर हो रहा है। इसकी अनुमानित लागत 3,750 करोड़ रुपये है। नई बिल्डिंग का डिजाइन हफीज कॉन्ट्रैक्टर ने बनाया है।

दो दिन के मुंबई आर्किटेक्ट्स कलेक्टिव के बाद हफीज कॉन्ट्रैक्टर के फाइनल डिजाइन पर चर्चा हुई। चर्चा में पूर्व जस्टिस गौतम पटेल और आर्किटेक्चर प्रोफेसर मुंतसिर दलवी ने हिस्सा लिया। इसमें उन्होंने चुने गए डिजाइन की कड़ी आलोचना की।

दुआ करो कभी न बने

यह डिजाइन केस लड़ने वाली या नहीं है। इसे जजों की सुविधा के हिसाब से बनाया गया, पटेल ने इस बात पर जऔर दिया कि मॉडर्न कोर्ट्स ने पुरानी सोच, स्टीरियोटाइप और क्लीशे को उलट दिया है कि जज को कैस लड़ने वाले से ऊपर होना चाहिए, यह कहते हुए कि इंग्लिश सुप्रीम कोर्ट उसी लेवल पर है।

पूर्व जस्टिस ने कहा कि कैस लहने वालों के लिए वेटिंग एरिया, केस लड़ने वालों के अपने वकीली से मिलने की जगह और वकीली के बीच बहुत ज्यादा दूरी की कमी है। पटेल ने नाराजगी में कहा कि इस डिजाइन का एकमात्र मकसद केस करने वाले को कोर्ट के सामने हाथ जोड़े दिखाना है।

अंग्रेजों की बिल्डिंग से तुलना

आर्किटेक्चर प्रोफेसर मुंजसिर दलवी ने कहा कि यह डिजाइन कोलकाता के गवर्नर हाउस जैसा है और कहा कि यह ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा आर्किटेक्चरल मोन्यूमेंट के मामले में भारत में किया गया पहला कॉलोनियल दावा था। उन्होंने इस बात की भी बुराई की कि नया एरिया कोई हेरिटेज जीन नहीं है।

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