

Ticket Checking 159 Crore Fine From 20 Lakh Passengers: मध्य रेल ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वालों के खिलाफ सघन टिकट जांच अभियान चलाते हुए 6 माह में 20.47 लाख यात्रियों को पकड़ा है।
इनसे रेलवे ने कुल ₹159.34 करोड़ का जुर्माना वसूल किया। मध्य रेल के अनुसार, इस अवधि में प्रतिदिन औसतन 11,184 यात्रियों पर कार्रवाई की गई और औसतन ₹87 लाख से अधिक की वसूली हुई।
रेलवे की जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष अप्रैल से सितंबर की समान अवधि में 20.05 लाख मामले सामने आए थे और ₹116.46 करोड़ का जुर्माना वसूला गया था। इस वर्ष जुर्माना वसूली में 37 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। रेलवे ने इसका श्रेय सघन टिकट जांच अभियानों और बिना टिकट यात्रा पर बढ़ाई गई न्यूनतम पेनल्टी को दिया है।
अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान मंडलवार आंकड़ों में मुंबई मंडल सबसे आगे रहा। यहां 10.11 लाख मामले पकड़े गए और ₹66.92 करोड़ का जुर्माना वसूला गया। अन्य मंडलों में
भुसावल मंडल: 3.77 लाख मामले, ₹38.90 करोड़ जुर्माना। नागपुर मंडल: 2.36 लाख मामले, ₹17.93 करोड़ जुर्माना। पुणे मंडल: 2.13 लाख मामले, ₹18.68 करोड़ जुर्माना। सोलापुर मंडल: 1.10 लाख मामले, ₹7.27 करोड़ जुर्माना और मुख्यालय: 0.99 लाख मामले में ₹9.63 करोड़ जुर्माना वसूला।
सितंबर महीने में भी अभियान जारी रहा। इस दौरान 2.44 लाख यात्रियों को बिना टिकट या वैध यात्रा प्राधिकार के बिना यात्रा करते पकड़ा गया और उनसे ₹18.53 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।
मध्य रेल के अनुसार, बिना टिकट यात्रा के लिए न्यूनतम जुर्माना ₹250 से बढ़ाकर ₹500 किए जाने के बाद जांच अभियान और तेज किया गया है। इसके तहत स्टेशन जांच, एम्बुश चेक, फोर्ट्रेस चेक, गहन जांच और मेगा टिकट जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर और विशेष ट्रेनों के साथ मुंबई मंडल व पुणे मंडलों की उपनगरीय ट्रेनों में भी जांच की जा रही है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा उचित और वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। बिना टिकट यात्रा रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय है।