मध्य रेल को गैर-किराया राजस्व (NFR) से रिकॉर्ड आय: अगस्त 2026 तक कमाए 58.15 करोड़ रुपये, 13.67% की वृद्धि

Central Railway E Auction Contracts Mumbai Pune: मध्य रेल ने अगस्त 2026 तक गैर-किराया राजस्व (NFR) से 58.15 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय अर्जित की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.67 प्रतिशत अधिक है।
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मध्य रेलवेसोर्स- सोशल मीडिया
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Central Railway Non Fare Revenue NFR Earnings August 2026: मध्य रेल ने अगस्त 2026 तक गैर-किराया राजस्व (Non-Fare Revenue-NFR) के जरिए 58.15 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में 51.16 करोड़ रुपये का गैर-किराया राजस्व प्राप्त हुआ था। इस तरह इस वर्ष राजस्व में 13.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। रेलवे ने यह वृद्धि अपनी परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग, विज्ञापन के अवसरों, यात्री-केंद्रित सेवाओं और अन्य गैर-किराया आय वाली पहलों के जरिए हासिल की है।

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36 अनुबंध प्रदान

अगस्त 2026 के दौरान मध्य रेल ने ई-नीलामी के माध्यम से 36 अनुबंध प्रदान किए। इन अनुबंधों से रेलवे को कुल 324.03 लाख रुपये का वार्षिक लाइसेंस शुल्क प्राप्त होगा। ई-नीलामी प्रक्रिया के जरिए अनुबंध आवंटन में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की जा रही है।

मंडलवार प्रमुख पहल

मुंबई मंडल में कामन रोड-जुचंद्र के बीच आउट-ऑफ-होम (OOH) विज्ञापन साइटों के अलावा चिंचपोकली, नेरल, ठाकुर्ली, अटगांव, मस्जिद और डॉकयार्ड रोड स्टेशनों पर विज्ञापन अधिकार दिए गए हैं। पनवेल में ‘पोर्टर ऑन कॉल’ सेवा भी गैर-किराया राजस्व का माध्यम बनी।

कल्याण-कर्जत/खोपोली और कल्याण-कसारा सेक्शन की उपनगरीय ट्रेनों में वेंडिंग अनुबंध 40.11 लाख रुपये वार्षिक शुल्क पर प्रदान किया गया। भुसावल मंडल ने 13 MEMU रेक में ऑडियो विज्ञापन, अकोला में दोपहिया वाहनों की पैकिंग, यात्री डॉरमिटरी, रिटायरिंग रूम, किराना कियोस्क और डिजी लॉकर से जुड़े अनुबंध किए हैं।

पुणे मंडल ने जुना बाजार चौक में OOH विज्ञापन का अनुबंध 36 लाख रुपये वार्षिक शुल्क पर दिया। वहीं, सोलापुर मंडल में वाडी यार्ड में खाली BOXN/BOXNHL रेक एवं वैगनों की सफाई से 100 लाख रुपये वार्षिक, जबकि साईनगर शिर्डी में गैर-डिजिटल विज्ञापन से 36 लाख रुपये वार्षिक राजस्व का प्रावधान किया गया है।

नागपुर मंडल ने मोबाइल फूड वैन, ट्रेनों में वेंडिंग सेवाओं, डिजिटल लॉकर और स्टाफ कैंटीन से जुड़े अनुबंधों के माध्यम से भी गैर-किराया राजस्व बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं।

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