
सीएम देवेंद्र फडणवीस को बंबई हाईकोर्ट ने भेजा नोटिस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
नागपुर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अब टेंशन बढ़ गई है। हाल ही में एनसीपी और भारतीय जनता पार्टी के तीन विधायकों को हाईकोर्ट ने समन भेजा था। इस क्रम में आगे अब सीएम देवेंद्र फडणवीस पर भी गाज गिरी है। बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पिछले साल विधानसभा चुनाव में नागपुर दक्षिण पश्चिम सीट से उनकी जीत को चुनौती देने वाली एक याचिका पर बृहस्पतिवार को नोटिस जारी किया।
देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ यह चुनाव याचिका कांग्रेस के प्रफुल्ल विनोदराव गुडाधे ने दायर की थी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रफुल्ल विनोदराव गुडाधे 39,710 मतों के अंतर से फडणवीस से हार गए थे। याचिका में गुडाधे ने प्रक्रियागत खामियों और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया है और मांग की है कि उच्च न्यायालय फडणवीस की जीत को “अमान्य” घोषित करे।
प्रफुल्ल गुडाधे के वकील पवन दाहाट ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की पीठ ने मुख्यमंत्री फडणवीस को नोटिस जारी किया है, जिस पर उन्हें आठ मई को जवाब देना है।” गुडाधे के वकील दाहाट और एबी मून ने दावा किया कि पिछले साल नवंबर में हुए चुनावों के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था।
महायुति ने विधानसभा चुनावों में 288-सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में 230 सीट जीतीं हैं, जिसके बाद फडणवीस मुख्यमंत्री बने। इस बीच, उच्च न्यायालय ने नागपुर पश्चिम से भाजपा विधायक मोहन मते और चंद्रपुर जिले की चिमूर सीट से कीर्तिकुमार भांगडिया को भी इसी तरह की चुनाव याचिकाओं पर नोटिस जारी किए हैं।
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आपको बताते चले कि इससे पहले एनसीपी और भाजपा के तीन विधायक को समन भेजा गया है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के दौरान हुई गड़बडी को उजागर करते हुए जहां सिंदखेडराजा विधानसभा क्षेत्र से एनसीपी (एसपी) से चुनाव लड़े राजेन्द्र शिंगने द्वारा चुनाव याचिका दायर की गई, वहीं राजुरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी सुभाष धोटे और बल्लारपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी संतोषसिंह रावत द्वारा याचिका दायर की गई।
बुधवार को सुनवाई होने के बाद हाई कोर्ट ने अजित पवार गुट के विधायक मनोज कायंदे, भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार और देवराव भोंगाडे को समन्स जारी कर 3 सप्ताह के भीतर जवाब दायर करने के आदेश जारी किए।






