महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर हाई कोर्ट का अंतरिम रोक से इनकार, 8 अक्टूबर को SC में सुनवाई

Bombay High Court: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाने पर रोक से इनकार किया। सुको में 8 अक्टूबर को सुनवाई के चलते HC ने मामला तीन सप्ताह टाला।
Bombay High Court refuses interim stay on Maharashtra SIR process
बॉम्बे हाईकोर्ट का महाराष्ट्र एसआईआर मतदाता सूची सोर्स- सोशल मीडिया
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Maharashtra SIR Electoral Roll: महाराष्ट्र में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने फिलहाल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश देने से साफ इनकार करते हुए कहा कि इसी मुद्दे पर पर सुप्रीम में पहले से सुनवाई चल रही है।

ऐसे में हाई कोर्ट द्वारा समानांतर कार्यवाही करना और अलग आदेश देना उचित नहीं होगा। वीबीए के युवा अध्यक्ष सागर रमेश गवई की ओर से एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि घर-घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन (डोर-टू-डोर एन्युमरेशन) के दौरान निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है और मनमाने तरीके से मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।

हाई कोर्ट की पीठ ने कहा कि जब देश की सर्वोच्च अदालत पहले से ही इसी विषय पर विचार कर रही है तो हाई कोर्ट के लिए समानांतर सुनवाई करते हुए कोई अलग आदेश देना उचित नहीं होगा।

पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद हाई कोर्ट द्वारा इस दिशा में कोई आदेश देना देना उ उचित प्रतीत नहीं होगा। अदालत ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होने वाली है, इसलिए फिलहाल इस मामले में जल्दबाजी करने की आवश्यकता नहीं है।

चुनाव आयोग की मांग पर हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करीब तीन सप्ताह के लिए टाल दी है। अब इस मामले पर अक्टूबर के मध्य में सुनवाई होने की संभावना है।

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चुनाव आयोग ने सुको के आदेश का दिया हवाला

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले पर व्यापक सुनवाई कर रहा है और 8 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई निर्धारित है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता प्रकाश आंबेडकर ने चुनाव आयोग की दलील का विरोध किया।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का पुराना अंतरिम आदेश बिहार चुनाव से संबंधित था, जबकि महाराष्ट्र में दायर याचिका अलग मुद्दे पर है। आंबेडकर ने कम से कम महाराष्ट्र के मतदाताओं के हित में ऐसा अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की जिससे वैध मतदाताओं के नाम सूची से न हटाए जाएं।

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वैध मतदाताओं के नाम कटने की चिंता

याचिकाकर्ताओं ने आशंका जताई है कि यदि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगी, तो बड़ी संख्या में वैध मतदाता आगामी चुनावों में मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं, इसी आशंका को देखते हुए याचिका में महाराष्ट्र राज्य के मतदाताओं के नाम हटाने पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने फिलहाल इस मांग पर कोई राहत नहीं दी है।

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