बॉम्बे हाई कोर्ट (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bombay High Court Covid Dispute: मुंबई के वर्ली स्थित नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया (एनएससीआई) परिसर में कोविड-19 के दौरान बनाए गए जंबो क्वारंटीन सेंटर के शुल्क विवाद को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी से स्पष्ट रूप से बताने को कहा है कि क्या उसने एनएससीआई के खुले मैदान का उपयोग किया था या नहीं। साथ ही अदालत ने यह भी जानना चाहा कि शुल्क की गणना किस आधार पर की गई। अदालत ने मामले में पारदर्शिता और स्पष्टता की आवश्यकता पर जोर दिया है।
एनएससीआई का कहना है कि अप्रैल 2020 के सरकारी परिपत्र के अनुसार बीएमसी ने लगभग 30 महीनों तक क्लब के खुले मैदान और परिसर का उपयोग किया। संस्था का आरोप है कि तय शुल्क का अब तक भुगतान नहीं किया गया, जिससे विवाद और गहरा गया है।
बीएमसी ने अदालत को बताया कि उसके अनुसार खुले मैदान का उपयोग नहीं हुआ था और पहले एक सहायक आयुक्त द्वारा की गई शुल्क गणना में त्रुटि थी। बीएमसी का दावा है कि देय राशि लगभग 12।6 करोड़ रुपये है, लेकिन इसकी विस्तृत और स्पष्ट गणना अदालत के समक्ष पेश नहीं की गई।
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हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब बीएमसी आयुक्त को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई में शुल्क निर्धारण, परिसर उपयोग और दोनों पक्षों के दावों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जिससे इस विवाद के समाधान की दिशा तय हो सकती है।