Mumbai में सीवेज ट्रीटमेंट सुरंग को CRZ मंजूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
BMC को धारावी एसटीपी से भांडुप जल शोधन संयंत्र तक 8.48 किमी लंबी सुरंग बनाने की CRZ मंजूरी मिल गई है। 3,000 करोड़ की यह परियोजना 416 MLD उपचारित पानी को सुरक्षित रूप से ले जाने में सक्षम होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
जल सुरंग परियोजना (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: बीएमसी को 8.48 किमी लंबे और 2.7 मीटर व्यास वाले सुरंग परियोजना के लिए कोस्टल रेग्युलेटरी जोन (सीआरजेड) की मंजूरी मिल गई है। यह सुरंग धारावी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से उपचारित पानी को घाटकोपर होते हुए भांडुप जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाएगी।
पर्यावरणीय स्वीकृति मिलते ही 3,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। बीएमसी 27,309 करोड़ रुपये की लागत से सात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) बना रही है, जिनका लक्ष्य 2,464 एमएलडी सीवेज को साफ पानी बनाना है।
इस उपचारित पानी को धारावी एसटीपी से घाटकोपर होते हुए भांडुप शोधन संयंत्र तक 145-150 मीटर गहराई में बनाई जाने वाली सुरंग के जरिए पहुंचाया जाएगा, जिसकी अधिकतम गहराई घाटकोपर में 152 मीटर होगी।
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यह सुरंग 416 एमएलडी पानी वहन करने में सक्षम होगी। घाटकोपर एसटीपी और भांडुप परिसर के बीच उपचारित पानी को शोधन संयंत्र तक पहुंचाने के लिए सुरंग के प्रस्ताव को सितंबर 2024 में मंजूरी मिली थी।
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3,000 करोड़ की परियोजना
- सीआरजेड स्वीकृति मिल गई है, इसलिए निर्माण आगे बढ़ सकता है। एक अधिकारी नै बताया कि उपचारित पानी का उपयोग भविष्य में मुंबई की पेयजल आवश्यकता पूरी करने के लिए भी किया जा सकता है।
- एसटीपी जिसमे वलीं (500 एमएलडी), बांद्रा (360 एमएलडी), मालाड (454 एमएलडी), घाटकोपर (337 एमएलडी)। धारावी (418), भांडुम (215 एमएलडी) व वर्सोवा (180 एमएलडी) शामिल हैं।
- यह सातों एसटीपी कुल मिलाकर 2,464 एमएलडी अपशिष्ट जल का उपचार करते है, शहर को प्रतिदिन 3,850 से 4,000 एमएलडी पानी मिलता है, जो 4,500 एमएलडी की मांग से कम है। प्रतिदिन की आपूर्ति का 34% (लगभग 1,343 एमएलडी) पानी चोरी, रिसाव और अन्य कारणों से बर्बाद हो जाता है।
