बृहन्मुंबई महानगर पालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: अगर आम नागरिक बीएमसी का प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरें तो उन्हें संपत्ति नीलाम करने की धमकी दी जाती है, लेकिन सरकारी संस्थानों के खिलाफ बीएमसी किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रही है। यही वजह है कि इनकी बकाया राशि दिन- प्रतिदिन बढ़ती जाती है।
यानी साफ तौर पर नजर आता है कि बकाया राशि वसूलने का बीएमसी के पास कोई विशेष प्लान नहीं नजर आता है। बीएमसी से प्राप्त आंकड़े के मुताविक, बीएमसी के प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टर्स की लिस्ट में 1632 करोड़ के साथ एमएमआरडीए अव्वल नंबर है, वहीं महाडा 577 करोड़ रुपये बकाया राशि के साथ दूसरे नंबर पर है।
सरकारी संस्थानों को लेकर बीएमसी की कुल प्रॉपर्टी टैक्स बकाया राशि 3736 करोड़ रुपये है। बीएमसी की फिक्स्ड डिपॉजिट लगातार कम हो रही। है। पिछले तीन वर्षों में यह राशि 12 हजार करोड़ रुपये कम हुई है। ऐसे में अपनी आय बढ़ाने के लिए बीएमसी विभिन्न उपायों की तलाश कर रही है। लेकिन जो प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया राशि बीएमसी को वसूलना चाहिए, उसमें वह फिसड्डी नजर आ रही है।
फिक्स्ड डिपॉजिट कम होने की वजह से बीएमसी पर विभिन्न स्रोतों से आय उत्पन्न करने का दबाव है। सरकारी संस्थानों में एमएमआरडीए के बाद म्हाडा का 577.78 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है जो म्हाडा बीएमसी को भुगतान करने में असमर्थ रही है।
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सरकारी संस्थानों को प्रॉपर्टी टैक्स समय पर भरने के लिए नोटिस जारी किया जाता है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो बिल पर जुर्माना भी लगाया जाता है। महत्वपूर्ण संस्थान होने के की वजह से कठोर कार्रवाई नहीं कर सकते, लेकिन बैठक कर विवाद को सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
– बीएमसी अधिकारी