कमर दर्द का बहाना फेल! विवाद के बाद BMC पदाधिकारियों को करनी होगी स्कॉर्पियो में सवारी, वापस ली इनोवा की मांग
Mumbai BMC Vehicle Controversy: टैक्सपेयर्स के पैसों की बर्बादी पर आलोचना के बाद झुके बीएमसी पदाधिकारी, गणेश खनकर ने नगर आयुक्त को लिखा पत्र, सफाई में कहा नहीं की है नई गाड़ी की मांग।
- Written By: अनिल सिंह
बीएमसी मुख्यालय और स्कॉर्पियो गाड़ी (फोटो क्रेडिट-X)
BMC U-Turn On Scorpio Vehicle Controversy: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के राजनीतिक पदाधिकारियों के लिए वाहनों के लग्जरी बेड़े के उन्नयन (Fleet Upgrade) को लेकर छिड़ा विवाद अब थमने लगा है। छह महीने पहले ही खरीदी गई महिंद्रा स्कॉर्पियो एन (Scorpio N) गाड़ियों में “कमर दर्द” होने की शिकायत कर टोयोटा इनोवा क्रिस्टा (Innova Crysta) गाड़ियों की मांग करने वाले बीएमसी पदाधिकारियों ने चौतरफा आलोचना के बाद अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।
मीडिया और जनता के भारी विरोध के बाद अब बीएमसी पदाधिकारियों को स्कॉर्पियो गाड़ियों में ही सफर करना होगा।
कमर दर्द के बहाने पर मीडिया और जनता का तीखा आक्रोश
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बीएमसी के वैधानिक समितियों के अध्यक्षों और वरिष्ठ राजनीतिक पदाधिकारियों ने दावा किया कि 6 महीने पहले बीएमसी द्वारा खरीदी गई स्कॉर्पियो एन गाड़ियां आरामदायक नहीं हैं और इनमें सफर करने से उनकी पीठ व कमर में दर्द की शिकायत हो रही है। इस आधार पर नई महंगी इनोवा क्रिस्टा गाड़ियां खरीदने का प्रस्ताव रखा गया था।
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यह खबर सामने आते ही मीडिया और आम नागरिकों ने बीएमसी प्रशासन और नेताओं को आड़े हाथों लिया। सार्वजनिक मंचों पर कहा गया कि मुंबई के टैक्सपेयर्स (Taxpayers) के पसीने की कमाई को बीएमसी पानी की तरह बहा रही है। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि एक तरफ देश में स्वदेशी और ‘मेड इन इंडिया’ (Made in India) को बढ़ावा देने की बातें की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि स्वदेशी स्कॉर्पियो को नकार कर महंगी गाड़ियों की मांग कर रहे हैं।
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गणेश खनकर का यू-टर्न: “हमने नई कार की मांग नहीं की”
तीखी आलोचना और चौतरफा घिरने के बाद बीएमसी सदन के नेता गणेश खनकर ने बीएमसी नगर आयुक्त को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। पत्र में सफाई देते हुए खनकर ने कहा कि उन्होंने कभी व्यक्तिगत रूप से नए वाहनों की मांग नहीं की थी।
उन्होंने नगर आयुक्त से आग्रह किया है कि ‘समानता के सिद्धांत’ के तहत नगर आयुक्त और महापौर के विशेष प्रोटोकॉल वाहनों को छोड़कर, बीएमसी के सभी पदाधिकारियों और वैधानिक समितियों के अध्यक्षों के लिए वर्तमान में मौजूद स्कॉर्पियो एसयूवी (Scorpio SUV) को ही बरकरार रखा जाए।
बचाए जाएंगे टैक्सपेयर्स के करोड़ों रुपये
गणेश खनकर के इस पत्र और बैकफुट पर आने के फैसले के बाद अब बीएमसी खजाने से नई इनोवा गाड़ियों की खरीद पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये की बचत होगी। बीएमसी सूत्रों का कहना है कि प्रशासन ने भी अब इस मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया है और पदाधिकारियों को आवंटित की गई स्कॉर्पियो गाड़ियों का ही इस्तेमाल करने का निर्देश जारी किया गया है।
