बृहन्मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Lake Sewage Diversion Project: शहर में नालों के जरिए झीलों में पहुंच रहे ड्राई वेदर फ्लो (डीडब्ल्यूएफ) यानी सीवेज व अपशिष्ट जल से बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए बीएमसी ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए सीवेज परियोजना (एसपी) विभाग द्वारा एक विशेषज्ञ सलाहकार की नियुक्ति की गई है, जो अपशिष्ट पानी को मोड़ने और नियंत्रित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है।
बजट 2026-27 में बताया गया कि यह कार्य फिलहाल प्रगति पर है और इसके आधार पर आगे की योजनाएं लागू की जाएंगी। बीएमसी क्षेत्र के प्रमुख नालों में बहने वाला गंदा पानी सीधे झीलों व तालाबों में जाकर जल प्रदूषण बढ़ा रहा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने झीलों में प्रवेश करने वाले गंदे नाले के पानी का पुनर्जीवन और डायवर्जन के कार्य भी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए हैं। इस पहल के तहत तीन झीलों को शामिल किया गया है। पूर्वी उपनगर में शीतल झील, सायन झील और पश्चिमी उपनगर में डिंगेश्वर झील है।
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