बीएमसी चुनावों में महिला उम्मीदवार (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: बीएमसी चुनाव के नतीजों में इस बार उत्तर भारतीय महिलाओं ने अपना परचम लहराते हुए शानदार प्रदर्शन किया हैं। 9 उत्तर भारतीय महिलाओं को नगरसेविका बनने का मौका मिला हैं।
मनपा में उत्तर भारतीयों का ‘महिला राज’ देखने को मिलेगा। लेकिन उत्तर भारतीय पुरुष उम्मीदवारों को इस चुनाव में निराशा का सामना करना पड़ा हैं। चुनाव में विभिन्न दलों ने 52 उत्तर भारतीयों नेताओं को टिकट को दिया था, पर सिर्फ वार्ड क्रमांक 23 से बीजेपी से शिव कुमार झा जीतने में कामयाब रहे।
भाजपा ने सबसे ज्यादा 21 उत्तर भारतीयों पर भरोसा जताया था। वार्ड क्र। 86 से शिंदे गुट के कमलेश राय के बेटे रितेश राय जीतने में कामयाच रहे। कांग्रेस ने भी 22 उत्तर भारतीयों को चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन सिर्फ 2 उत्तर भारतीय महिलाओं को जीत नसीब हुई। वार्ड नंबर 13 में भाजपा से रानी द्विवेदी चुनाव जीती हैं।
बीएमसी वार्ड क्रमांक 1 से शिवसेना (शिंदे गुट) से रेखा राम यादव, वार्ड क्रमांक 31 भाजपा से मनीषा कमलेश यादव, वार्ड क्रमांक- 44 भाजपा से संगीता ज्ञानमूर्ति शर्मा, वार्ड क्रमांक 72 भाजपा से ममता पंकज यादव, वार्ड क्रमांक 28 कांग्रेस से डॉ। अजंता यादव, वार्ड क्रमांक-61 कांग्रेस से दिव्या अवनीश सिंह व वार्ड क्रमांक 69 से भाजपा की सुधा सिंह को बीएमसी चुनाव में कामयाबी मिली है। मनपा में आगामी 5 वर्षों तक उत्तर भारतीय महिला नगरसेविक की आवाज गूंजेगी और स्थानीय मुद्दों को जमकर उठाएंगी।
बीएमसी चुनाव में हिंदी भाषियों में भाजपा से आकाश पुरोहित, सिद्धार्थ शर्मा, विक्रम राजपूत, तेजेंद्र सिंह तिवाना और योगेश वर्मा ने जीतने में कामयाब रहे। चुनाव के दौरान विभिन्न पार्टियों ने हिंदी भाषी नेताओं को उम्मीदवारी दिया था, लेकिन भाजपा से 5 हिंदी भाषी चुनाव जीतने में सफल रहे।
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वार्ड क्रमांक 43 से भाजपा प्रत्याशी विनोद मिश्रा को हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा ने मिश्रा को उनके पुराने सीट से चुनाव दोबारा चुनाव लड़ने का मौका दिया था। भाजपा ने उन्हें गट नेता का पद भी दिया था। लेकिन मिश्रा अपनी कामयाबी को दोहराने में नाकाम रहे।