Mumbai:‘बंटोगे तो पिटोगे’ बैनर पर मनसे-बीजेपी आमने-सामने, भाषा और प्रांतवाद फिर बना मुद्दा
BMC Election से पहले मुंबई में मराठी बनाम हिंदी भाषी विवाद तेज हो गया है। विवादित बैनर को लेकर मनसे, बीजेपी और शिवसेना नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बीजेपी Vs मनसे (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Local Body Election: राज्य में मनपा चुनावों का बिगुल बजते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीएमसी चुनाव को लेकर माहौल काफी गरम है। भाषा और प्रांतवाद का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों आ गया है।
हाल में मुंबई में एक विवादित बैनर लगाया गया था, जिस पर लिखा था, उत्तर भारतीयों बंटोगे तो पिटोगे। इस लेकर मराठी बनाम हिंदी भाषी का विवाद खड़ा हो गया है। बंटोगे तो कटोगे की नारे की याद दिलाते हुए मनसे ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है और चेतावनी दी है कि याद रखो। यदि मराठी भाषियों का अपमान किया, तो उत्तर भारतीयों बंटोगे तो पिटोगे।
अगर नहीं बंटे, तब भी पिटोगे। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि उन्होंने मुंबई में लगाए गए पोस्टर का जवाब देने के लिए स्टैंड लिया है। मराठी लोगों का अपमान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह विवाद मराठी बनाम हिंदी भाषी का नहीं है।
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इसे बीजेपी जान-बूझकर हवा दे रही है। वोट पाने के लिए भाजपा मराठी और उत्तर भारतीयों को बांटने की कोशिश कर रही है। बीजेपी के एआई जनरेट बंदर ने यह सब किया है। अब यह मुद्दा कहां से आ गया। अगर मराठी भाषियों का अपमान किया, तो नहीं बंटोगे, तो भी पिटोगे।
अटल सेतु : 2000 करोड़ का घोटाला
देशपांडे ने कहा कि उनका अदाणी परिवार के लिए गठबंधन है। अटल सेतु बना पर सड़कें गड्डों में हैं। मुंबईकरों का हैप्पीनेस इंडेक्स क्या है? प्रगति तभी
मानी जाती है, जब लोग खुश हों। कौन रोज उठकर अटल सेतु से जाता है। दो हजार करोड़ का घोटाला हुआ है। क्या वह पिछले 25 साल से सत्ता में नहीं थे? क्या चौकीदार सो रहे थे?
शेलार पर भड़के देशपांडे, बोले- कोई पूछता नहीं
देशपांडे ने मंत्री आशीष शेलार पर हमला बोलते हुए पार्टी में उन्हें कोई पूछता नहीं है। रामदास आठवले ने उन्हें काट लिया है। अगर सत्ता में बैठे लोग गुंडों की तरह चोरी करने लगे तो क्या करें? अमित साटम के साला, शेलार के भाई, दरेकर के भाई कइयों की लिस्ट निकलेगी और बात निकली तो बहुत दूर तक जाएगी।
उन्होंने शेलार से पूछा है कि वे बताएं कि क्या अडानी के परिवार को बीएमसी पर कब्जा कर लेना चाहिए, आशीष कुरैशी एक फंगस है, जिसने मुंबई को संक्रमित कर दिया है। जब रजा एकेडमी ने जब हंगामा किया, तब उनका हिंदुत्व कहां था? नवाब मलिक की गोद में बैठकर आप हमे क्या सिखा रहे हैं? मलिक को सुलझाने का काम खुद फडणवीस ने किया। उन्होंने भुजबल को मंत्री बनाया, जिन पर आरोप लगाए थे। किरीट सोमैया का क्या हुआ जो हथौड़ा लेकर गए थे।
बीजेपी-शिंदे गुट की चाल : राऊत
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राऊत ने कहा कि यह बीजेपी और शिंदे गुट का काम है। वे हिंदी भाषियों को परेशान करने के लिए साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्या किसी को नहीं दिख रहा है कि बीजेपी विधायक पराग शाह ने एक गरीब मराठी रिक्शा चालक को पीटा था। क्या एक गरीब मराठी भाषी को मारना बीजेपी की नीति है।
पुलिस ले संज्ञान : निरुपम
मनसे की चेतावनी पर शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने कहा कि मुंबई पुलिस इस धमकी को संज्ञान में ले। मराठी वोटरों को उकसाने के लिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। इससे तनाव निर्माण हो सकता है। क्या उद्धव ठाकरे मनसे की इस गुंडागर्दी मुहिम का समर्थन करते हैं?
मनपा चुनाव में हार के डर से बना रहे मुद्दाः नवनाथ बन
बीजेपी मीडिया सेल के प्रमुख नवनाथ बन ने कहा कि हमारी पार्टी समाज में तनाव निर्माण करने वालों का समर्थन नहीं करती। कुछ लोग मनपा चुनाव में हार के डर से मराठी बनाम हिंदी भाषी का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। राज्य की जनता समझदार है। तनाव निर्माण करने वालों का साथ जनता नहीं देगी।
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फायदा उठाने की साजिशः नसीम खान
पूर्व मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरिफ नसीम खान ने कहा कि बीजेपी हर चुनावों में संप्रदायिकता व प्रांतवाद का मुद्दा बना कर चुनाव फायदा उठाने की साजिश रचती है। बांटने की उसकी नीति ठीक नहीं है। इससे समाज में तनाव निर्माण होता है। जबकि कांग्रेस जोड़ने की राजनीति करती है। हमारी पार्टी सभी को साथ लेकर चलती है।
