STP प्रोजेक्ट (सोर्स: सोाशल मीडिया)
Mumbai STP Project : मुंबई में सात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के कंस्ट्रक्शन में तेजी लाने के लिए एक्स्ट्रा मैन पावर अपॉइंट करके और काम को लगातार तीन शिफ्ट में जारी रखने का निर्देश दिया है। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने यह भी साफ किया कि इसका लक्ष्य प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी बनाए रखते हुए तय समय में काम पूरा करना है।
गुरुवार को बीएमसी मुख्यालय में हुई एक रिव्यू मीटिंग में बांगर ने अलग-अलग प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस, मुश्किलों और उनके सॉल्यूशन पर चर्चा की। मीटिंग में मुंबई सीवरेज प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर अशोक मॅगड़े के साथ संबंधित इंजीनियर और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट शामिल हुए।
मुंबई सीवरेज प्रोजेक्ट डिपार्टमेंट 7 सेंटर बनाने की प्रोसेस में है, जिनके नाम हैं वर्ली (500 एमएलडी), बांद्रा (360 एमएलडी), मालाड (454 एमएलडी), घाटकोपर (337 एमएलडी), धारावी (418 एमएलडी), भांडुप (215 एमएलडी) और वेसावे (180 एमएलडी) है। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए रोजाना कुल 2,464 एमएलडी सीवेज प्रोसेस किया जाएगा।
| प्रोजेक्ट लोकेशन | प्रस्तावित समय |
|---|---|
| घाटकोपर, वैसावे | जुलाई 2026 |
| भांडुप | अगस्त 2027 |
| वीँ, बांद्रा, धारावी | जुलाई 2027 |
| मालाड | जुलाई 2028 |
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सीवरेज प्लांट का फोर्ट, भायखला, पेडर रोड, हाजी अली, दादर, वर्ली, माहिम, बांद्रा, सांताक्रूज, अंधेरी, विले पार्ले, दहिसर, बोरीवली, मालाड, गोरेगांव, घाटकोपर, मानखुर्द, भांडुप, विक्रोली, मुलुंड जैसे सैकड़ों इलाकों को इन प्रोजेक्ट्स से सीधा फायदा होगा। जबकि 200 एमएलडी सीवेज पर टर्शियरी ट्रीटमेंट किया जाएगा और बीएमसी ने अगले फेज में सभी सीवेज पर टर्शियरी ट्रीटमेंट का टारगेट रखा है।
मालाड, भांडुप, घाटकोपर और वेसावे में प्रोजेक्ट खारे पानी वाले इलाकों में है, इसलिए कंस्ट्रक्शन में रुकावटें आ रही है। मैग्रोव की वजह से परमिशन में देरी हो रही है। फिर भी, लगभग 3,000 मैनपावर रोजाना काम कर रहे है और लगभग 40% फिजिकल काम पूरा हो चुका है। चूंकि धारावी प्रोजेक्ट के लिए जगह कम है, इसलिए सेंटर को मल्टी-स्टोरी स्ट्रक्चर में बनाया जा रहा है। यहां ट्रीट किया गया पानी मीठी नदी में छोड़ा जाएगा।