Devendra Fadnavis On Free Electricity Scheme (फोटो क्रेडिट-X)
Mukhyamantri Baliraja Mofat Veej Yojana Terms: महाराष्ट्र की महायुति सरकार द्वारा किसानों के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री बलिराजा मुफ्त बिजली योजना’ को लेकर एक बड़ी स्पष्टता सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वयं इस योजना के लाभार्थियों और इसके पीछे की शर्तों पर बड़ा खुलासा किया है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि यह योजना सभी कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिना किसी सीमा के लागू नहीं है। सरकार ने इसके लिए कुछ निश्चित ‘नियम और शर्तें’ (Terms & Conditions) तय की हैं, ताकि योजना का लाभ लक्षित और जरूरतमंद किसानों तक ही पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा के चल रहे सत्र के दौरान यह स्पष्ट किया कि इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम किसानों पर से बिजली बिल का बोझ कम करना है। फडणवीस ने यह भी बताया कि कृषि क्षेत्र को दी जाने वाली सब्सिडी का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि राज्य की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव न पड़े। इस खुलासे के बाद अब योजना को लेकर किसानों के बीच चल रहे भ्रम की स्थिति दूर होने की संभावना है।
The ‘Mukhyamantri Baliraja Mofat Veej Yojana’ will benefit only consumers using electricity up to 7.5 HP. ‘मुख्यमंत्री बळीराजा मोफत वीज योजने’चा लाभ फक्त 7.5 एच.पी. पर्यंत वीज वापरणार्या ग्राहकांनाच मिळेल. (विधानसभा, मुंबई | दि. 10 मार्च 2026)#Maharashtra #Mumbai… pic.twitter.com/nCCHabsF7v — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) March 10, 2026
मुख्यमंत्री बलिराजा मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए सबसे प्रमुख शर्त पंप की क्षमता से जुड़ी है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल उन कृषि उपभोक्ताओं के लिए है जो 7.5 हॉर्सपावर (HP) तक की क्षमता वाले बिजली पंपों का उपयोग कर रहे हैं। जिन किसानों के पास इससे अधिक क्षमता के पंप हैं, उन्हें इस मुफ्त बिजली योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। सरकार का मानना है कि 7.5 एचपी तक के पंपों का उपयोग करने वाले अधिकांश किसान लघु और सीमांत श्रेणी में आते हैं, जिन्हें वास्तव में सरकारी सहायता की आवश्यकता है।
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योजना के तहत मुफ्त बिजली का लाभ उठाने के लिए एक और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि किसानों को अपने पिछले बकाया बिलों के निपटान के प्रति गंभीर होना होगा। हालांकि सरकार ने बिल माफी के संकेत दिए हैं, लेकिन भविष्य में मुफ्त बिजली जारी रखने के लिए नियमित बिजली उपयोग की निगरानी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जो किसान बिजली का अत्यधिक या व्यावसायिक उपयोग करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही, किसानों को अपने कृषि पंपों का आधिकारिक पंजीकरण और आधार लिंकिंग सुनिश्चित करना होगा ताकि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सब्सिडी का प्रबंधन पारदर्शी तरीके से किया जा सके।
देवेंद्र फडणवीस ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार धीरे-धीरे कृषि क्षेत्र को पारंपरिक ग्रिड से हटाकर सौर ऊर्जा (Solar Energy) पर स्थानांतरित करने की योजना बना रही है। बलिराजा मुफ्त बिजली योजना इसी दीर्घकालिक लक्ष्य का एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 7.5 एचपी तक के पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने पर सरकार को बिजली कंपनियों को भारी सब्सिडी नहीं देनी पड़ेगी और किसानों को दिन के समय भी मुफ्त बिजली मिल सकेगी। इस योजना के लिए सरकार ने बजट में विशेष प्रावधान किए हैं, जिससे महाराष्ट्र के लाखों किसानों को सीधे तौर पर आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।