ऐप आधारित टैक्सी-ऑटो चालकों की देशव्यापी हड़ताल, किराया नीति और बाइक टैक्सी पर कार्रवाई की मांग

Uber-Ola Drivers Protest: ऐप आधारित टैक्सी और ऑटो चालकों ने विभिन्न मांगों को लेकर देशभर में एक दिवसीय हड़ताल की। किराया नीति और पैनिक बटन मुद्दों पर विरोध के बीच सरकार ने कंपनियों को चेतावनी दी।
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Pratap Sarnaik On Ola Uber Drivers Protest: ऐप आधारित टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालकों ने शनिवार को एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की।

एक यूनियन ने कई मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसमें अवैध मोटरसाइकिल टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई और 'पैनिक बटन' लगाने को लेकर शिकायतों का समाधान शामिल है।

महाराष्ट्र कामगार सभा के प्रमुख डॉ केशव क्षीरसागर ने कहा कि हड़ताल महाराष्ट्र और देश के दूसरे हिस्सों में की गई। अधिकतर ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों ने हड़ताल का समर्थन किया है। बहरहाल, यूनियन ने दावा किया कि चालकों ने अपनी गाड़ियां सड़कों से हटा ली हैं, लेकिन दिन की शुरुआत से ही उबर, ओला और रैपिडो जैसी बड़ी कंपनियों के ऐप आधारित मंच पर टैक्सियां और ऑटो-रिक्शा बुकिंग के लिए उपलब्ध थे।

महाराष्ट्र कामगार सभा ने पहले कहा था कि यह हड़ताल यात्रा सेवा प्रदाता मंचों की मनमानी किराया नीतियों का विरोध करने और अवैध बाइक टैक्सी संचालन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने के लिए है, जिससे लाइसेंस प्राप्त कैब और ऑटो-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा था।

'गिग वर्कर्स' का प्रतिनिधित्व करने वाली यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि 'पैनिक बटन' को अनिवार्य रूप से लगवाना ऑपरेटर्स के लिए एक वित्तीय बोझ बन गया है। 'गिग वर्कर्स' उन श्रमिकों को कहा जाता है जिनका काम अस्थायी होता है।

तो सरकार कंपनियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी : सरनाईक

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 'राइड एग्रीगेटर्स' (टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी) को चेतावनी दी कि अगर वे चालकों के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं और उनके साथ अन्याय करते हैं, तो सरकार कंपनियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चालकों की सभी जायज समस्याओं में उनके साथ खड़ी है।

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