Andheri Subway में जलभराव की समस्या बरकरार, BMC नए समाधान पर कर रही काम
Andheri Subway Waterlogging: अंधेरी सबवे में जलभराव की समस्या अब भी बनी हुई है। BMC ‘होल्डिंग पोंड’ और ड्रेनेज डायवर्जन जैसे विकल्पों पर काम कर रही है, जिससे भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अंधेरी सबवे जलजमाव (सौ. सोशल मीडिया )
Andheri Subway Waterlogging BMC: बीएमसी की तमाम कोशिशों के बावजूद अंधेरी सबवे में जलभराव की समस्या अभी तक हल नहीं हो सकी है। ऐसे में आगामी मानसून में भी यहां पानी भरने की स्थिति बनी रहने की आशंका है।
हालांकि, बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे अगले वर्ष तक इस समस्या में कमी लाई जा सकेगी। अंधेरी रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित यह सबवे पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पूर्व-पश्चिम मार्ग है। लेकिन हर मानसून में जलभराव के कारण इसे बार-बार बंद करना पड़ता है।
ड्रेनेज का डायवर्जन, ‘होल्डिंग पोंड’ का निर्माण
वर्ष 2025 में जून से अक्टूबर के बीच इसे 33 बार बंद किया गया, जबकि 2024 में 35 बार और 2023 में 21 बार बंद करना पड़ा था। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर के अनुसार, समस्या के समाधान के लिए दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
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मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क का डायवर्जन और ‘होल्डिंग पॉड’ का निर्माण, उन्होंने बताया कि ड्रेनेज डायवर्जन प्रक्रिया जटिल है। क्योंकि पाइपलाइन में तीखे मोड़ होने से पानी के प्रवाह में रुकावट आती है और पाइपलाइन जल्दी खराब हो जाती है।
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आईआईटी बॉम्बे को भी किया शामिल
सूत्रों के मुताबिक, ‘होल्डिंग पोंड’ अधिक व्यावहारिक समाधान माना जा रहा है। यह एक प्रकार का जल भंडारण क्षेत्र होता है, जहां भारी बारिश के दौरान पानी को अस्थायी रूप से जमा किया जाता है और बाद में पंपों के जरिए बाहर निकाला जाता है। मुंबई के हिंदमाता जंक्शन पर इस तरह की व्यवस्था लागू होने के बाद जलभराव में काफी कमी आई है। बीएमसी ने इस परियोजना के लिए आईआईटी बॉम्बे को भी शामिल किया है। 15 जून तक योजना को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है।
