रोहित पवार (सोर्स: सोाशल मीडिया)
Rohit Pawar On CBI Investigation: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के विमान हादसे को लेकर घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने सोमवार को राज्य सरकार द्वारा इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग पर कड़ी आपत्ति जताई है। रोहित पवार का आरोप है कि सीबीआई जांच की मांग केवल मामले को लटकाने और सच्चाई को दबाने की एक सोची-समझी कोशिश है।
सोमवार को विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए रोहित पवार ने राज्य सरकार द्वारा इस मामले की सीबीआई जांच की मांग को महज ‘समय बर्बाद करने की साजिश’ करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच केवल दिखावा साबित हुई, तो ‘मराठी मानुस’ अपनी ताकत दिखाएगा और चुप नहीं बैठेगा।
कर्जत-जामखेड के विधायक रोहित पवार की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने बारामती हादसे की सीबीआई जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया था। रोहित पवार ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई के पास पहले से ही लगभग 7,000 मामले लंबित हैं, जिनमें से 2,500 से अधिक मामले एक दशक से भी ज्यादा पुराने हैं। उन्होंने तर्क दिया कि महाराष्ट्र इस तरह की समय की बर्बादी को बर्दाश्त नहीं करेगा और इसकी जगह राज्य की सीआईडी से जांच कराई जा सकती है।
रोहित पवार ने एक विस्फोटक दावा करते हुए कहा कि दुर्घटना से संबंधित केवल 30 प्रतिशत जानकारी ही अब तक सार्वजनिक की गई है, जबकि 70 प्रतिशत महत्वपूर्ण सामग्री और सबूत अभी भी उनके पास हैं। उन्होंने उन आधिकारिक रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ‘लियरजेट 45’ विमान का ‘ब्लैक बॉक्स’ जल गया है। पवार ने दावा किया कि ‘ब्लैक बॉक्स’ की तस्वीरें उन तक पहुंच चुकी हैं और यदि इसमें कोई गड़बड़ी पाई गई, तो सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। साथ ही, उन्होंने प्रभावशाली व्यक्तियों और विमानन कंपनी ‘VSR’ के बीच संबंधों के सबूत होने का भी आरोप लगाया।
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हादसे को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के एक अन्य वरिष्ठ नेता जितेंद्र आव्हाड ने भी जांच प्रक्रिया पर गहरे संदेह व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी ब्लैक बॉक्स के जलने का दावा नहीं सुना गया है। आव्हाड ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए खुलासा किया कि जिस विमान का उपयोग किया गया, उसे भारत में उड़ान भरने की अनुमति ही नहीं थी। उनके अनुसार, विमान की क्षमता केवल 5,000 उड़ान घंटों की थी, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए उसने 8,000 घंटे तक उड़ान भरी थी।
अजित पवार के बिना यह पहला विधानसभा सत्र है, जिसे लेकर रोहित पवार काफी भावुक नजर आए। उन्होंने अपने दिवंगत चाचा को एक अनुशासित और स्टाइलिश नेता के रूप में याद किया, जो सदन में सबसे पहले आते थे और सबसे अंत में जाते थे। विपक्ष ने मांग की है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। रोहित पवार ने संकल्प लिया कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, वे इस मुद्दे को उठाना जारी रखेंगे।