Mumbai News:‘अग्निशिखा’ऑडियोबुक युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक, CM फडणवीस ने कहा संजोई जाएगी सुषमा स्वराज की यादें
"अग्निशिखा : सुषमा स्वराज" इस ई-बुक और ऑडियोबुक के माध्यम से उनका जीवन और कार्य निश्चित रूप से युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज मेघदूत निवास पर व्यक्त किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
‘अग्निशिखा’ऑडियोबुक युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक।
मुंबई: दिवंगत वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज एक अध्ययनशील, विद्वान और बहुआयामी व्यक्तित्व थीं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष की नेता और विदेश मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। “अग्निशिखा : सुषमा स्वराज” इस ई-बुक और ऑडियोबुक के माध्यम से उनका जीवन और कार्य निश्चित रूप से युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज मेघदूत निवास पर व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों अग्निशिखा ऑडियोबुक और ई-बुक का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री के रूप में सुषमा स्वराज ने पासपोर्ट और वीज़ा सेवाओं में कई सुधार किए। उन्होंने कई देशों के साथ समझौते किए और पासपोर्ट सेवाओं को सरल बनाने के महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिससे आज पासपोर्ट और वीज़ा प्राप्त करना पहले की तुलना में आसान हो गया है।
विपक्ष की नेता के रूप में सुषमा स्वराज
लोकसभा में विपक्ष की नेता के रूप में, सुषमा स्वराज ने सरकार की नीतियों पर तर्कसंगत और प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखी। उनके शोधपरक भाषणों ने उस समय काफी लोकप्रियता हासिल की थी। उनका ज्ञान, विषयों की समझ, अद्वितीय बुद्धिमत्ता और असाधारण स्मरण शक्ति उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान थी।
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सारगर्भित और प्रेरणादायक भाषण
सुषमा स्वराज को विभिन्न भाषाओं का गहरा ज्ञान था और वे भाषा की सुंदरता को पहचानने की कला में निपुण थीं। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे अपने भाषण देने के दौरान कभी भी लिखित नोट्स का उपयोग नहीं करती थीं। उनके सारगर्भित और प्रेरणादायक भाषण आज भी मार्गदर्शक के रूप में काम कर रहे हैं, ऐसा मुख्यमंत्री फडणवीस ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा।
ऑडियोबुक और ई-बुक के रूप में प्रकाशित
मेधा किरीट द्वारा लिखित इस पुस्तक को मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में ऑडियोबुक और ई-बुक के रूप में प्रकाशित किया गया है। इस पुस्तक का डिजिटल निर्माण झंकार स्टूडियो, पुणे में हुआ है। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद किरीट सोमैया, मराठी अभिवाचक तनुजा राहणे, ई-बुक रचनाकार स्वाति जोशी, हिंदी अभिवाचक दिव्या शारदा और ‘झंकार’ के निर्देशक सत्यजीत पंगू व आनंद लिमये उपस्थित थे।
