कंगना रनौत का नाम सुनते ही आदित्य ठाकरे बोले ‘छी-छी’! पुलिस कार्रवाई के खिलाफ छात्रों की मदद को जारी किया ईमेल
Aaditya Thackeray Reaction On Kangana Ranaut: कंगना का नाम सुनते ही आदित्य ठाकरे बोले 'छी-छी'। प्रदर्शनकारी छात्रों को फ्री कानूनी मदद के लिए जारी किया ईमेल एड्रेस।
- Written By: अनिल सिंह
आदित्य ठाकरे और कंगना रनौत (फोटो क्रेडिट-X)
Aditya Thackeray PC On Free Legal Help NEET Protesters: महाराष्ट्र में नीट पेपर लीक के खिलाफ पिछले दस दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा दर्ज की जा रही FIR और भेजे जा रहे नोटिसों को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार (28 जुलाई) को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री और युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने आंदोलनकारी छात्रों को मुफ्त कानूनी सहायता देने का औपचारिक ऐलान किया है।
वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत से जुड़ा सवाल पूछने की कोशिश की, तो आदित्य ठाकरे ने उनका नाम सुनते ही ‘छी-छी’ कहकर अजीब रिएक्शन दिया और सवाल को टाल दिया।
https://t.co/Nbt8lUviOH — ShivSena – शिवसेना Uddhav Balasaheb Thackeray (@ShivSenaUBT_) July 28, 2026
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छात्रों के केस फ्री में लड़ेगी शिवसेना UBT लीगल सेल
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि युवा छात्रों के उग्र प्रदर्शन और सभी विपक्षी दलों के एकजुट समर्थन के चलते ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा देना पड़ा। सरकार ने आंदोलन खत्म कराने के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का वादा किया था, लेकिन इसके बावजूद मुंबई के चेंबूर, वर्ली और अन्य इलाकों में पुलिस छात्रों को नोटिस भेज रही है और FIR में आगे की कार्रवाई कर रही है।
आदित्य ठाकरे ने ऐलान किया कि शिवसेना UBT की लीगल सेल ऐसे सभी छात्रों के केस बिना किसी फीस के मुफ्त में लड़ेगी। उन्होंने राज्य के अन्य वकीलों से भी छात्रों के समर्थन में आगे आने का आह्वान किया।
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ईमेल एड्रेस जारी; छात्रों से वीडियो सेव रखने की अपील
छात्रों की त्वरित सहायता के लिए आदित्य ठाकरे ने आधिकारिक ईमेल एड्रेस shivsenaubtlegal@gmail.com जारी किया है। उन्होंने पुलिस से नोटिस पाने वाले सभी छात्रों और युवाओं से अपील की कि वे अपने नोटिस और दस्तावेजों की प्रतियां इस ईमेल पर भेजें ताकि पार्टी की कानूनी टीम कोर्ट में उनका बचाव कर सके।
इसके साथ ही, आदित्य ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के जो भी वीडियो सोशल मीडिया से हटाए जा रहे हैं, छात्र उन्हें अपने पास सुरक्षित (सेव) रखें और बाद में दोबारा अपलोड करें। यदि मेटा (Meta) की तरफ से भी नोटिस आता है, तो उसकी कानूनी अपील दर्ज करें।
राज्य सरकार और पुलिस की मंशा पर उठाए सवाल
आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर FIR दर्ज कर उन्हें परेशान कर रही है, वहीं दूसरी तरफ डोंबिवली में एक डॉक्टर पर जानलेवा हमला करने वाले सत्तारूढ़ दल के नगरसेवक को जमानत दिलाने के लिए सरकारी मशीनरी पूरी ताकत झोंक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बल में कुछ विशेष लोगों को शामिल किया गया है जो जानबूझकर छात्रों पर अधिक दमनकारी कार्रवाई कर रहे हैं।
