

Aditi Tatkare Child Marriage Free Maharashtra: महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा है कि महाराष्ट्र को पूरी तरह से बाल विवाह मुक्त बनाना ही राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग का मुख्य संकल्प और ध्येय है। सरकार द्वारा बनाई गई सक्षम और आक्रामक व्यवस्था के कारण पिछले वर्ष 1400 और इस वर्ष अब तक रिकॉर्ड 1450 बाल विवाह रोकने में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल विवाह रोक नहीं रही है, बल्कि इस सामाजिक कुप्रथा की जड़ तक जाकर इसके कारणों को हमेशा के लिए खत्म करने का प्रयास कर रही है।
बाल विवाह रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को बेहद कड़ा किया गया है। अब न केवल बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, बल्कि शादी संपन्न कराने वाले पुरोहितों और विवाह समारोह में उपस्थित रहने वाले मेहमानों पर भी मामले दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई का ही नतीजा है कि अकेले अक्षय तृतीया के दिन विभाग ने 34 बाल विवाह रुकवाए। इस सख्ती के बाद अब आम नागरिक भी खुद जागरूक होकर आगे आ रहे हैं और प्रशासन को जानकारियां दे रहे हैं।
मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रोजगार के लिए आते हैं। मजदूरी के दौरान वे अपनी 12-14 साल की बेटियों को घर पर अकेला छोड़ने के डर से उनका विवाह कर देते हैं। इस गंभीर समस्या को सुलझाने के लिए सरकार ने इन बच्चियों के लिए सुरक्षित बाल गृहों की शुरुआत की है। इसके साथ ही, बच्चों के लिए एक आधुनिक ट्रैकिंग पोर्टल भी शुरू किया गया है। यदि कोई मजदूर परिवार एक जिले से दूसरे जिले में जाता है, तो उसके बच्चों का नई जगह की आंगनवाड़ी में ऑटो-रजिस्ट्रेशन हो जाता है।
मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि विभाग की मुस्तैदी के कारण अहिल्यानगर जिले में 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच कुल 155 बाल विवाह रोके गए हैं और दोषी परिवारों के खिलाफ 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि राज्य में कहीं भी बाल विवाह होने या अल्पवयीन माता का मामला सामने आने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल करें। नागरिक इस संबंध में जिला बाल संरक्षण इकाई या जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।