दिशा सालियान मामले में आदित्य ठाकरे को क्लीन चिट, कोर्ट बोला- संदेह की गुंजाइश..
Disha Salian Death Case: दिशा सालियान सुसाइड मामले में आखिरकार आदित्य ठाकरे को बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई में आदित्य ठाकरे को राहत दी है।
- Written By: प्रिया जैस
आदित्य ठाकरे और दिशा सालियान (सौजन्य-सोशल मीडिया)
मुंबई: शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे कई समय से दिशा सालियान केस से जुड़े रहे है। दिशा सालियान सुसाइड केस में आदित्य ठाकरे का भी हाथ होने की बड़ी खबरें सामने आई थी। इस मामले में आखिरकार आदित्य ठाकरे को बड़ी राहत मिली है। महाराष्ट्र सरकार के वकीलों ने सालियान सुसाइड मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में साफ कर दिया कि दिशा सालियान की मौत के मामले में कोई भी संदिग्ध जानकारी नहीं है।
वकीलों ने कोर्ट के सामने यह साबित कर दिया कि यह हत्या का नहीं आत्महत्या का मामला है। 9 जून, 2020 को फिल्म एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मलाड की एक बिल्डिंग की 12वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। दिशा सालियान की मौत के बाद उनके पिता ने इस संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की जांच मुंबई पुलिस की एसआईटी (विशेष जांच दल) या सीबीआई से कराने की मांग की थी।
आदित्य ठाकरे निर्दोष
अब महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट से कहा कि दिशा सालियान (28) की मौत में किसी भी तरह के संदेह की गुंजाइश नहीं है। साथ ही आदित्य ठाकरे का भी इसमें कोई हाथ नहीं वे भी निर्दोष हैं।
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इस पर दिशा के पिता कहना था कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि बलात्कार और उसके बाद की गई हत्या है। दिशा के पिता ने कहा कि इस मामले को राजनीतिक रूप देकर दबाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आदित्य ठाकरे की पूरी भूमिका है, इसलिए उन पर एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए।
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दिशा सालियान मामले में राज्य सरकार की ओर से मालवणी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक शैलेंद्र नागरकर ने इसका जवाब दाखिल किया था। उन्होंने कहा कि याचिका में लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि साइंटिफिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है।
