Palghar में 10 वर्षीय आदिवासी बच्ची से बंधुआ मजदूरी, महिला पर केस दर्ज
Mumbai: पालघर में 10 वर्षीय आदिवासी बच्ची को बंधुआ मजदूरी के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। भयंदर की महिला पर बाल श्रम, अत्याचार निवारण और बंधुआ श्रम अधिनियमों के तहत कार्रवाई की है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बाल मजदूर (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: जिले में पुलिस ने दस वर्षीय एक आदिवासी बच्ची को बंधुआ मजदूरी के लिए मजबूर करने के आरोप में एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह जानकारी एक अधिकारी ने गुरुवार को दी।
वाडा तालुका की निवासी यह बच्ची आदिवासी कातकरी समुदाय से है। पिता की मृत्यु के बाद, उसकी मां ने उसे छोड़ दिया था और वह अपने दादा-दादी के पास रहती है।
पुलिस को बुधवार को दी गई अपनी शिकायत में बच्ची की दादी ने कहा कि भायंदर की एक महिला पिछले साल गणेश उत्सव के दौरान बच्ची को अपने साथ ले गई थी।
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बच्ची की दादी ने की शिकायत
बच्ची की दादी ने शिकायत में कहा, “उस महिला ने मेरी पोती को घरेलू सहायिका का काम यानी कपड़े और बर्तन धोने, पोछा लगाने और मछलियां पकड़ने के लिए मजबूर किया। उसने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट भी की।” जून 2025 में बच्ची के घर लौटने के बाद भी कथित तौर पर उसका शोषण जारी रहा।
महिला ने कथित तौर पर “उसे काम पर वापस लाने के लिए 5,000 से 6,000 रुपये की अग्रिम राशि भेजी थी। बुधवार महिला ने बच्ची को को अपने घर काम के लिए वापस ले जाने की कथित तौर पर कोशिश की। जब उसकी दादी ने विरोध किया तो महिला ने पूर्व में दी गई धनराशि के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की धमकी दी।
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अधिकारी ने बताया कि महिला पर भारतीय न्याय संहिता, बंधुआ श्रम पद्धति (निरसन) अधिनियम, बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम तथा अनुसूबित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
