गोवंडी और बांद्रा से 4 मोटरसाइकिल चोरी, मुंबईकरों की उड़ी नींद

Mumbai News: गोवंडी और बीकेसी में लगातार बढ़ती बाइक चोरी ने स्थानीय नागरिकों और पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। चोरी की गाड़ियां बार-बार बरामद न होने से शहरवासियों में नाराजगी फैल रही है।
मुंबई में मोटसाइकिल चोरी (pic credit; social media)
मुंबई में मोटसाइकिल चोरी (pic credit; social media)
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Motorcycles Stolen in Mumbai:  गोवंडी के शिवाजी नगर और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में बाइक चोरी की घटनाओं ने शहरवासियों और पुलिस दोनों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में इन इलाकों में कम से कम चार मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं दर्ज की गई हैं। हालांकि, शहर में कुल एक दर्जन से अधिक चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन कई मामलों में शिकायत दर्ज न होने के कारण पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

शिवाजी नगर पुलिस थाने के अंतर्गत एक होंडा डीओ, होंडा कंपनी की एक अन्य बाइक और एक एक्टिवा चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं, बीकेसी से भी एक होंडा एक्टिवा चोरी होने की शिकायत दर्ज की गई है। इन घटनाओं ने न सिर्फ आम मुंबईकरों बल्कि पुलिस के लिए भी सिरदर्द खड़ा कर दिया है।

स्थानीय निवासी शमीम शेख ने बताया कि घर के सामने खड़ी बाइक चोरों ने मौके का फायदा उठाकर चोरी कर ली। शेख ने कहा कि दो साल बीत जाने के बाद भी बाइक का कोई सुराग नहीं मिला। इसी तरह किशोर जायसवाल ने भी अपने साथ हुई चोरी की घटना की जानकारी साझा की।

पुलिस ने सभी मामलों में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कई पीड़ितों ने शिकायत दर्ज करने में देरी बताई, क्योंकि उन्हें पहले बाइक खोजने और फिर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई। इससे लोग नाराज हैं और पुलिस पर प्रतिक्रिया में धीमी कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चोरी हुई गाड़ियां कई बार शहर से बाहर ले जाई जाती हैं या उनके पार्ट्स बेच दिए जाते हैं। इसी कारण चोरी की गाड़ियों को बरामद करना मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम और तेज़ कार्रवाई के बिना बाइक चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती रहेंगी। कई लोग अब सुरक्षा कैमरे लगाने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

बाइक चोरी की ये घटनाएं मुंबई में बढ़ते अपराध और अपर्याप्त सुरक्षा के संकेत हैं। पुलिस को चाहिए कि शहरवासियों की चिंता को ध्यान में रखते हुए तेज और प्रभावी कार्रवाई करे ताकि नागरिकों का विश्वास फिर से बन सके।

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