Mumbai Train Blasts: 187 लोगों की मौत, 12 आराेपी बरी…जानें अब तक की पूरी कहानी
2006 Mumbai Train Blasts: बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2006 मुंबई लोकल ट्रेन विस्फोट मामले में सभी 12 लोगों को बरी कर दिया। आइए जानते हैं 11 जुलाई 2006 से 21 जुलाई 2025 तक कब क्या हुआ।
- Written By: आकाश मसने
2006 में हुए ब्लास्ट में क्षतिग्रस्त ट्रेन (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Train Bombings Story: मुंबई की लाइफलाइन मुंबई की लोकल ट्रेनों को कहा जाता है। अगर मुंबई लोकल के पहिए थम गए थे तो आधी से ज्यादा मुंबई थम जाती है। देश के कोने-कोने से लोग अपने सपने लिए मुंबई पहुंचते है। मुंबई की लोकल ट्रेन उनके जीवन का अहम हिस्सा बन जाती है। लोग रोज अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए लोकल ट्रेन का इस्तेमाल करते है। 11 जुलाई 2006 भी इन दिनों में से एक था। लोग सुबह अपने घरों से निकले लेकिन शाम को वो वापस नहीं लौट पाए।
11 जुलाई 2006 की शाम 6.23 बजे से 6.29 बजे के बीच पश्चिमी उपनगर रेलवे लाइन पर सात लोकल ट्रेनों के प्रथम श्रेणी के डिब्बों में 7 विस्फोट हुए। इस हमले में 187 लोगों की मौत हो गई वहीं 824 लोग घायल हो गए। इस मामले में बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार यानी 21 जुलाई 2025 को सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। आइए जानते है 11 जुलाई 2006 से आज तक की पूरी कहानी…
11 जुलाई 2006 से 21 जुलाई 2025 तक कब क्या हुआ
- 11 जुलाई 2006 को इस आतंकवादी हमले के बाद अलग-अलग पुलिस थानों में 7 प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में मामलों की महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) द्वारा एक साथ जांच की गई।
- जुलाई-अगस्त 2006 : एटीएस ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया।
- 30 नवंबर 2006 : 13 पाकिस्तानी नागरिकों सहित 30 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया। इसमें से कई आरोपी फरार थे।
- 2007 : विशेष अदालत में मुकदमे की शुरुआत।
- 19 अगस्त 2014 : मुकदमे की सुनवाई समाप्त हुई। विशेष अदालत ने 13 गिरफ्तार आरोपियों पर फैसला सुरक्षित रखा।
- 11 सितंबर 2015 : विशेष अदालत ने 13 में से 12 आरोपियों को दोषी ठहराया। साथ ही एक आरोपी साक्ष्यों के अभाव में बरी।
- 30 सितंबर 2015 : विशेष अदालत ने 5 दोषियों को फांसी और 7 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
- अक्टूबर 2015 : महाराष्ट्र सरकार ने 5 आरोपियों को फांसी की सजा की पुष्टि के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर की। इधर सभी 12 दोषियों ने सजा और दोषसिद्धि के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की।
- 2015–2024 : अपीलें विभिन्न पीठों के समक्ष लंबित।
- जून 2024 : फांसी की सजा पाए आरोपी एहतेशाम सिद्दीक़ी ने हाई कोर्ट में अपीलों की शीघ्र सुनवाई के लिए आवेदन दायर किया।
यह भी पढ़ें: बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, मुंबई लोकल ब्लास्ट केस के सभी 12 आरोपी बरी
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- जुलाई 2024 : बंबई उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति श्याम चंदक की विशेष पीठ गठित की।
- 15 जुलाई 2024 : विशेष पीठ ने रोजाना आधार पर अपीलों की सुनवाई शुरू की।
- 31 जनवरी 2025 : उच्च न्यायालय ने अपीलों पर सुनवाई पूरी कर आदेश के लिए मामला सुरक्षित रखा।
- 21 जुलाई 2025 : धमाकों के 19 साल बाद बंबई उच्च न्यायालय ने सभी 12 आरोपियों को बरी किया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा और यह मानना कठिन है कि आरोपियों ने अपराध किया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
