Mira Bhayandar Ambulance Charges: मीरा-भाईंदर में एम्बुलेंस-शव वाहन शुल्क पर विवाद, पारदर्शिता की मांग तेज
Mira Bhayandar Ambulance: एम्बुलेंस और शव वाहन सेवाओं में मनमाने शुल्क वसूली के आरोपों के बीच पारदर्शिता की मांग बढ़ गई है। नगरसेविका फ्रीडा डिमेलो ने रेट लिस्ट अनिवार्य करने की मांग की है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मीरा भयंदर एम्बुलेंस चार्ज का मामला (सौ. सोशल मीडिया )
Mira Bhayandar Ambulance Charges Transparency Demad: मीरा-भाईंदर मनपा क्षेत्र में मरीजों और उनके परिजनों से एम्बुलेंस तथा शव वाहन सेवाओं के नाम पर कथित आर्थिक शोषण का मुद्दा अब गंभीर रूप लेता जा रहा है।
पारदर्शिता की कमी और मनमाने शुल्क वसूले जाने की शिकायतों के बीच स्थानीय नगरसेविका फ्रीडा डिमेलो ने इस पर सख्त कदम उठाने की मांग की है।
डिमेलो ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को ज्ञापन सौंपकर सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी अस्पतालों के बाहर एम्बुलेंस और शव वाहन सेवाओं की स्पष्ट शुल्क सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने की मांग की है। उनका कहना है कि दरों की जानकारी के अभाव में आम नागरिक अक्सर निजी सेवाओं के महंगे और मनमाने शुल्क देने को मजबूर हो जाते हैं।
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मीरा-भाईंदर मनपा क्षेत्र में भले ही मुफ्त एम्बुलेंस और शव वाहन सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन सीमित संख्या और खराब रखरखाव के कारण ये सेवाएं पर्याप्त नहीं हैं। कई वाहन जर्जर हालत में हैं, जिससे मरीजों को मजबूरी में निजी सेवाओं का सहारा लेना पड़ता है। स्थिति यह है कि शहर के पंडित भीमसेन जोशी सरकारी अस्पताल जैसे प्रमुख अस्पतालों में भी पर्याप्त एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हैं।
संचालकों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई
नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। मौजूदा परिस्थितियों में यह स्पष्ट होता है कि अस्पतालों के बाहर अनिवार्य रूप से शुल्क सूची प्रदर्शित करना समय की जरूरत बन गया है, ताकि आम नागरिकों को आर्थिक शोषण से राहत मिल सके।
फ्रीडा डिमेलो, स्थानीय नगरसेविका, शिवसेना
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शुरू करें हेल्पलाइन
कुछ मामलों में तय दरों पर सेवाए मिलती है, लेकिन अधिकतर शिकायते मनमाने शुल्क वसूले जाने की सामने आ रही हैं। डिमेलो के अनुसार अस्पतालों के बाहर शुल्क सूची प्रदर्शित करने से पारदर्शिता बढ़ेगी और लोग सही विकल्प चुन सकेंगे। साथ ही उन्होंने इन सेवाओं की निगरानी के लिए प्रभावी नियंत्रण तंत्र और शीघ्र शिकायत निवारण हेल्पलाइन शुरू करने की भी मांग की है।
