

Manoj Tiwari on Raj Thackeray: भाजपा नेता मनोज तिवारी ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के डूबो- डूबो कर मारेंगे वाले बयान की आलोचना की। तिवारी ने आरोप लगाया कि राज ठाकरे का मराठी प्रेम केवल चुनावों के लिए है। राज ठाकरे राजनीति के कूड़ेदान में जा चुके हैं। जो भी इनके साथ आएगा, उसका अंत होना निश्चित है। मनोज तिवारी के इस बयान पर मनसे का क्या जवाब होगा
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने शुक्रवार की रात (18 जुलाई) को मीरा भयंदर में एक सभा की थी। इस सभा में उन्होंने सभी मराठी नागरिकों से मराठी में संवाद करने की अपील की। इस दौरान, राज ठाकरे ने मीरा रोड पर एक व्यापारी की हुई पिटाई का भी जवाब दिया।
राज ठाकरे ने कहा कि अगर मराठी भाषा कानों को समझ नहीं आती, तो फिर कान के नीचे पड़ेगी ही। साथ ही उन्होंने महायुती सरकार पर आरोप लगाया कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश हो रही है। मुंबई के महत्व को भी कम करने की कोशिश की जा रही है। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि गैर-मराठी नागरिकों द्वारा मीरा भयंदर से पालघर निर्वाचन क्षेत्र बनाने की साजिश है।
उनके इस भाषण पर अब भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने राज ठाकरे के इस बयान पर हमला बोला। उन्होंने राज ठाकरे की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे का रवैया समझने की कोशिश कीजिए। राज ठाकरे का हिंदी विरोध और मराठी प्रेम मौसमी है। ये लोग चुनाव आने पर ही ऐसी बयान बाजी करते हैं। महाराष्ट्र की जनता राज ठाकरे को समझ चुकी है। इसलिए राज ठाकरे को सीटें नहीं मिलती। मनोज तिवारी ने कहा कि राज ठाकरे की मनसे पार्टी कब से चल रही है? उन्होंने शुरुआत में इतनी अच्छी बातें कहीं कि उनके 13 विधायक चुनकर आ गए। इसके बाद इन लोगों ने उत्तर भारतीयों और हिंदी भाषियों पर हमले करना शुरू कर दिया। मेरे घर पर भी हमला हुआ था। जिसे लेकर हम सड़कों पर उतरे थे। हमने कहा था कि सिर्फ महाराष्ट्र की जनता, मराठी जनता ही राज ठाकरे जैसे लोगों को सजा देगी।
मनोज तिवारी ने आलोचना करते हुए कहा, इसीलिए मनसे के 13 विधायक घटकर एक विधायक पर आ गए है। और वो भी भाजपा में शामिल हो गए। राज ठाकरे एक ऐसा प्राणी है जो प्रांतीय ढांचे, भाषाई एकता और देश और महाराष्ट्र की एकता को खत्म करना चाहता है। इसलिए, मैं प्रार्थना करता हूं कि जो लोग राज ठाकरे के बारे में जो कुछ भी कहना चाहते हैं, वे एक बात याद रखें। यह व्यक्ति राजनीतिक कूड़ेदान में जा चुका है और किसी भी आलोचना के माध्यम से उसे पुनर्जीवित करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र की जनता राज ठाकरे को कहीं बैठने नहीं दे रही है। जो राज ठाकरे के साथ जाएगा, वो भी खत्म हो जाएगा। क्योंकि महाराष्ट्र, महाराष्ट्रियों, मराठी भाषा और उसकी पहचान का उतना सम्मान कोई नहीं कर सकता जितना भारतीय जनता पार्टी मराठी संस्कृति का करती है। मनोज तिवारी ने कहा, राज ठाकरे जैसे लोग मराठी संस्कृति का अपमान कर रहे हैं।