'मैंने राज ठाकरे को हिंदी सिखा दी', निशिकांत दुबे ने लिए MNS प्रमुख के मजे-VIDEO

Nishikant Dubey: भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के बयान पर पलवार करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें हिंदी सिखा दी है।
Nishikant Dubey retort after Raj Thackeray statement
निशिकांत दुबे व राज ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: महाराष्ट्र में हिंदी बनाम मराठी को लेकर चल विवाद में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे के बीच एक अलग ही वाकयुद्ध चल रहा है। मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा मराठी न बोलने को लेकर हिंदी भाषी लोगों की पिटाई के मामले में निशिकांत दुबे राज ठाकरे की पार्टी पर हमलावर हैं। वहीं राज ने निशिकांत को करारा जवाब दे रहे हैं।

महाराष्ट्र में भाषा विवाद को लेकर दुबे ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि तुमको पटक-पटक के मारेंगे। इस पर पलटवार करते हुए राज ठाकरे ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में हिंदी में कहा कि ‘‘आप मुंबई आइए। मुंबई के समंदर में डुबो-डुबोकर मारेंगे।''

राज ठाकरे के हिंदी में बयान देने वाले वीडियो को निशिकांत दुबे ने उनके मजे ले लिए और कहा कि मैंने राज ठाकरे को मराठी सिखा दी। दाेनों नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है।

निशिकांत दुबे का पोस्ट

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे उनके बयान का एक वीडियो साेशल मीडिया मंच एक्स पर शेयर करते हुए लिखा "मैंने राज ठाकरे को हिंदी सिखा दी?”

हिंदी को तीसरी भाषा बनाने का विरोध

‘मराठी मानुष' के मुद्दे पर दबाव बनाने के लिए जाने जाने वाले ठाकरे ने स्कूलों में कक्षा एक से तीसरी भाषा शुरू करने के भाजपा नीत सरकार के फैसले के विरोध में अपने चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ फिर से हाथ मिला लिया है। हालांकि, इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने अपना आदेश वापस ले लिया था।

राज ठाकरे ने शनिवार को एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जहां से अमराठी भाषी संसद, विधायक, नगरसेवक, महापौर चुन कर आयेंगे और इस पूरे क्षेत्र को गुजरात में मिला देंगे। इसी तरह से धीरे–धीरे मुंबई को भी महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश रची जा रही है।

ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह प्रयत्न बहुत पहले से ही शुरू है, और यह स्वप्न गुजराती व्यापारियों ने देखी थी और एक गुजराती नेता ने इसका प्रयास भी किया था। आज दिल्ली के इशारे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी यही प्रयास कर रहे हैं।