- Hindi News »
- Maharashtra »
- Maharashtra Special Public Safety Bill Committee Receives 12000 Suggestions And Objections
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई होगी कमजाेर! फडणवीस सरकार के विधेयक पर मिली 12,000 आपत्तियां और सुझाव
महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक पर विचार कर रही संयुक्त प्रवर समिति के सदस्य जयंत पाटिल ने कहा कि समिति को अब तक इस विधेयक से संबंधित रिकॉर्ड 12,000 सुझाव और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
- Written By: आकाश मसने

देवेंद्र फडणवीस और जयंत पाटिल (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले वर्ष नागपुर में हुई राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक को पुनः प्रस्तुत किया था जिसके बाद इसे राज्य के राजस्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता वाली संयुक्त प्रवर समिति को भेजा गया था। पाटिल ने कहा कि विपक्ष का रुख यह है कि ऐसे किसी विधेयक की आवश्यकता नहीं है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक पर विचार कर रही संयुक्त प्रवर समिति के सदस्य जयंत पाटिल ने कहा कि समिति को अब तक इस विधेयक से संबंधित रिकॉर्ड 12,000 सुझाव और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। यह विधेयक विशेष रूप से नक्सलवाद समेत व्यक्तियों और संगठनों की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है।
जयंत पाटिल ने कहा कि इस समिति को अब तक 12,000 से अधिक सुझाव और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जो कि एक रिकॉर्ड है। हमारा मानना है कि सरकार को हर चीज को एक नजर से नहीं देखना चाहिए, बल्कि उसे विधेयक की शर्तों और उद्देश्यों के बारे में स्पष्ट होना चाहिए। नक्सल और नक्सली गतिविधियों की परिभाषा साफ होनी चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
शक्तिपीठ महामार्ग पर संग्राम: परभणी में किसानों का ‘रास्ता रोको’, संजय जाधव बोले- जमीन हड़पना बंद करे सरकार
अब मुंबई में चलेगी वॉटर मेट्रो! 40 मिनट में पहुंचेंगे नवी मुंबई एयरपोर्ट, जानें क्या है सरकार का मेगा प्लान
राज्यसभा चुनाव 2026: महाराष्ट्र और बिहार में बढ़ी धड़कनें, 16 मार्च को 17 सीटों पर होगा महामुकाबला
पत्नी को पीटने वाले तालिबानी फरमान पर बोले अबू आजमी, ‘मैं नहीं समझता किसी को मारना चाहिए’
उन्होंने कहा कि इस विधेयक से उन व्यक्तियों और संगठनों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए जो किसी मुद्दे पर अपनी राय रखने के लिए मोर्चा निकालना या प्रदर्शन करना चाहते हैं। पाटिल ने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए समिति का नेतृत्व उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश को करना चाहिए और इसके दो अन्य सदस्य सेवानिवृत्त न्यायाधीश होने चाहिए।
5 जून को होगी अगली बैठक
जयंत पाटिल ने बताया कि अब तक संयुक्त प्रवर समिति की दो बैठकें हो चुकी हैं। सरकार यह बताएगी कि विभिन्न पक्षों से प्राप्त सुझावों और समिति के सदस्यों की सिफारिशों को लागू किया जा सकता है या नहीं। अगली बैठक 5 जून को प्रस्तावित है। पिछले साल दिसंबर में जब यह विधेयक पुनः प्रस्तुत किया गया था, तब मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया था कि इसका उद्देश्य अपनी बात रखने वाले लोगों की आवाज को दबाना नहीं है, बल्कि शहरी नक्सल ठिकानों को खत्म करना है।
क्या है विधेयक?
विधेयक के अनुसार, हिंसा, तोड़फोड़ या ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल होना या उसका प्रचार करना जिससे जनमानस में भय और आशंका उत्पन्न हो, अवैध गतिविधि मानी जाएगी। इसके अलावा, हथियार, विस्फोटक या अन्य उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देना या स्थापित कानून व संस्थाओं की अवज्ञा के लिए प्रेरित करना, उसका प्रचार करना भी अवैध गतिविधि के अंतर्गत आएगा।
विधेयक के मुताबिक, कोई भी ऐसा संगठन जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इन अवैध गतिविधियों में लिप्त हो, मदद करे या सहयोग दे, उसे अवैध संगठन माना जाएगा। ऐसे संगठन से संबंध रखने पर तीन से सात वर्ष की सजा और तीन से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
फडणवीस ने कहा था कि छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे उग्रवाद प्रभावित राज्यों में ऐसे सार्वजनिक सुरक्षा कानून लागू हैं और इन राज्यों ने 48 अग्रिम संगठनों पर प्रतिबंध लगाया है। महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक को आगामी 30 जून से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में पारित किए जाने की संभावना है। महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी की महायुति गठबंधन को स्पष्ट बहुमत प्राप्त है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Maharashtra special public safety bill committee receives 12000 suggestions and objections
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
जयपुर की शादी में स्टेज से दुल्हन का पर्स चोरी, भीड़ के बीच वारदात का वीडियो वायरल
Feb 23, 2026 | 06:37 PMराहुल गांधी से मिले कोटद्वार वाले ‘मोहम्मद’ दीपक, कहा- मुलाकात के बाद चार गुना बढ़ी हिम्मत
Feb 23, 2026 | 06:37 PMबिना नंबर प्लेट दौड़ रहे रेत से भरे ट्रैक्टर, कोहमारा-डोंगरगांव क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन
Feb 23, 2026 | 06:36 PM‘धुरंधर 2’ में इस एक्टर की हुई एंट्री! क्या यही हैं ‘बड़े साहब’, 27 किरदारों की लिस्ट से खुला राज?
Feb 23, 2026 | 06:35 PMसाउथ अफ्रीका का आगामी शेड्यूल जारी, सितंबर 2026 से जनवरी 2027 तक तीनों फॉर्मेट में होगी मेजबानी
Feb 23, 2026 | 06:30 PMमध्य रेलवे में बड़ा बदलाव: अरविंद मलखेड़े बने नए प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक, जानें उनका शानदार ट्रैक रिकॉर्ड
Feb 23, 2026 | 06:28 PMसरकारी बैंक की नौकरी से तंग आई महिला ने दिया इस्तीफा, वीडियो वायरल
Feb 23, 2026 | 06:26 PMवीडियो गैलरी

रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM
मां के प्यार को तरसा नन्हा बंदर: खिलौने को बनाया सहारा, जापान के ‘पंच’ की रुला देने वाली कहानी हुई वायरल
Feb 21, 2026 | 08:32 PM
AI Summit 2026: दिल्ली की सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर विदेशी मेहमान, अव्यवस्था देख बोले- ‘तभी टैलेंट देश…’
Feb 21, 2026 | 08:23 PM
हाथरस के इस पिता को सलाम! दिव्यांग बेटी के सपनों के लिए अपनी पीठ को बनाया कंधा, देखें यह वायरल VIDEO
Feb 21, 2026 | 03:35 PM
ग्रेटर नोएडा के रयान स्कूल में शर्मनाक लापरवाही! 1 घंटे तक बाथरूम में बंद रही छात्रा, उल्टा लिखवाया माफीनामा
Feb 21, 2026 | 03:29 PM














