महाराष्ट्र: मानसून से पहले सरकारी स्कूलों की सुरक्षा जांच अनिवार्य, शिक्षा मंत्री पंकज भोयर के सख्त निर्देश
Maharashtra Education News: राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने मानसून से पहले सभी सरकारी स्कूलों की ढांचागत और सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
Maharashtra School Safety Monsoon 2026 Dr. Pankaj Bhoyar: राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने बताया कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की स्कूलों में मानसून पूर्व और मानसून बाद निरीक्षण अनिवार्य किया है। विस्तृत और सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हर साल बारिश के दौरान इमारतों के जर्जर होने, छतों से पानी टपकने, बिजली दुर्घटनाओं और अस्वच्छता से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए इस वर्ष अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। समग्र शिक्षा अभियान के तहत इन नियमों का पालन सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा। बारिश शुरू होने से पहले स्कूल भवनों की पूरी जांच की जाएगी।
दीवारों में दरारें, कमजोर छत, टूटे प्लास्टर और जर्जर इमारतों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। कक्षाओं में पानी न घुसे, इसके लिए खिड़की, दरवाजे और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखना जरूरी होगा। रसोई और शौचालयों की सुरक्षामिडडे मील तैयार करने वाले रसोईघर की स्वच्छता और सुरक्षा की जांच अनिवार्य की गई है।
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गैस कनेक्शन, धुआं निकासी और ईंधन भंडारण की स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। शौचालयों में साफसफाई, पानी और सैनिटेशन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली और पर्यावरणीय खतरेस्कूलों में बिजली व्यवस्था की जांच कर खुली वायरिंग और खराब उपकरणों को तुरंत ठीक करना होगा।
परिसर में खतरनाक पेड़ों की छंटाई और जलभराव रोकने के उपाय भी किए जाएंगे। भारी बारिश के दौरान जर्जर इमारतों का उपयोग बंद करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकसबारिश के बाद डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
पढ़ाई प्रभावित होने पर रिमेडियल कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों को निरीक्षण रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को देना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
