महाराष्ट्र निकाय चुनाव में कौन किसके खिलाफ? कहां किसे हो रहा नुकसान, प्वाइंट्स में समझें पूरी ABCD
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की 264 शहरी निकाय क्षेत्रों में चुनाव हो रहा है, जिसमें नगर परिषद, नगर पंचायत के अध्यक्ष और सदस्य चुने जाने है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
फाइल फोटो
Maharashtra Local Body Elections: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए वोटिंग चल रही है। यह सीएम देवेंद्र फडणवीस के लिए सिर्फ चुनावी चुनौती नहीं, बल्कि महायुति में दोस्ती और गठबंधन की परीक्षा भी है। कई जगह महायुति बनाम महाविकास अघाड़ी की लड़ाई है, तो कुछ जगह दोस्ताना मुकाबले भी देखे जा रहे हैं। ये चुनाव महाराष्ट्र की सियासत में कई अहम फैसले तय कर सकते हैं।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण में 264 नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए मतदान हो रहा है। इस बार चुनाव में दोनों गठबंधन बिखर गए हैं। एकनाथ शिंदे की शिवसेना कहीं बीजेपी के साथ है तो कहीं कांग्रेस के साथ। कुछ सीटों पर एनसीपी-शिवसेना एक हैं, तो कुछ जगह अलग हैं।
चुनाव की मुख्य बातें
- महाराष्ट्र में 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत यानी कुल 288 निकायों के चुनाव होने थे, लेकिन 24 स्थानीय निकायों में मतदान 20 दिसंबर के लिए स्थगित कर दिया गया। इसलिए 264 शहरी निकायों में वोटिंग हो रही है।
- स्थगित निकायों में ठाणे, बारामती, अमरावती, अहिल्यानगर, नांदेड़, सोलापुर, यवतमाल, धाराशिव, चंद्रपुर, अकोला और पुणे शामिल हैं।
- इन चुनावों में 6705 सदस्य और 264 अध्यक्षों का फैसला होना है।
- महायुति पूरी तरह बिखर गई है। बीजेपी, शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के बीच कई सीटों पर आपस में लड़ाई चल रही है।
- पुणे जिले की चाकण नगर परिषद में शिंदे की शिवसेना और बीजेपी के खिलाफ दोनों शिवसेना गुट साथ हैं।
- सिंधुदुर्ग जिले की कंकावली नगर परिषद में शिंदे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने बीजेपी को हराने के लिए गठबंधन किया।
- धाराशिव जिले की ओमेगा नगर परिषद में शिंदे की शिवसेना ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया।
- जलगांव के चोपड़ा में शिंदे की शिवसेना ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर बीजेपी को टक्कर दी।
- नासिक जिले की येओला नगर परिषद में शिंदे की शिवसेना ने एनसीपी (एसपी) के साथ मिलकर बीजेपी-एनसीपी (अजित पवार) गठबंधन को चुनौती दी।
- पालघर के दहानू नगर परिषद में शिंदे की शिवसेना ने एनसीपी के दोनों धड़ों के साथ गठबंधन किया और मुकाबला बीजेपी से है।
- कोल्हापुर जिले की कागल सीट पर दोनों एनसीपी गुट शिंदे की शिवसेना के खिलाफ हैं।
- कोल्हापुर की जयसिंगपुर नगर परिषद में बीजेपी, कांग्रेस और स्वाभिमानी शेतकारी संघटना शिंदे समर्थित राजर्षि शाहू अघाड़ी के खिलाफ हैं।
- नासिक की भगुर नगर परिषद में शिंदे के खिलाफ सभी दल एक साथ हैं – बीजेपी, एनसीपी के दोनों धड़े, शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एमएनएस।
- निकाय चुनाव से महाराष्ट्र की सियासी तस्वीर बदल सकती है। महायुति के अंदर क्रेडिट वॉर और गठबंधन की खटास के राजनीतिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं।
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इन चुनावों में सिर्फ नेताओं और मंत्रियों का ही नहीं बल्कि बड़े नेता जैसे देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे का आमने-सामने मुकाबला भी है। यह टकराव विधानसभा चुनाव के एक साल बाद मित्रवत तनाव और कानूनी उलझनों के बीच हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निकाय चुनाव का परिणाम शासन और विपक्षी गठबंधन दोनों के लिए अहम संकेत देगा। बीजेपी ने अब तक 100 सदस्यों और 3 अध्यक्ष पदों पर निर्विरोध जीत हासिल की है। ये चुनाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कराए जा रहे हैं।
